नरेश गुनानी
जयपुर, 29 अप्रैल। राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने आगामी जनगणना को लेकर प्रदेशवासियों से सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे 1 मई से 15 मई, 2026 तक संचालित होने वाले ‘स्व-गणना पोर्टल’ (Self-Enumeration Portal) का उपयोग कर अपने और अपने परिवार की सटीक जानकारी स्वयं दर्ज करें।
दो चरणों में संपन्न होगी प्रक्रिया
राज्यपाल ने जनगणना की समयसीमा और कार्यप्रणाली को स्पष्ट करते हुए बताया कि यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी:
- प्रथम चरण (स्व-गणना): 1 मई से 15 मई तक नागरिक पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी ऑनलाइन साझा कर सकेंगे।
- द्वितीय चरण (क्षेत्रीय कार्य): 16 मई से 14 जून तक गणनाकर्मी घर-घर जाकर डेटा एकत्र करेंगे। इस दौरान मोबाइल ऐप का उपयोग कर आवासों की सूची, उपलब्ध सुविधाओं, संपत्तियों और अन्य महत्वपूर्ण आंकड़ों का संकलन किया जाएगा।
जनगणना: केवल गिनती नहीं, राष्ट्र का सामाजिक दस्तावेज
हरिभाऊ बागडे ने जनगणना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसे केवल लोगों की गिनती के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनगणना वास्तव में राष्ट्र का एक व्यापक सामाजिक दस्तावेज है। इसमें शिक्षा, रोजगार, लिंग अनुपात और जातिगत आंकड़ों का समावेश होता है, जो देश की वास्तविक स्थिति को दर्शाते हैं।
विकास योजनाओं का आधार
राज्यपाल के अनुसार, जनगणना से प्राप्त सटीक आंकड़े ही भविष्य की कल्याणकारी नीतियों और विकास कार्यक्रमों की नींव रखते हैं। उन्होंने कहा, “सटीक डेटा के माध्यम से ही भारत में जन-जन के लिए प्रभावी योजनाएं और बेहतरीन नीतियां लागू की जा सकेंगी, जिससे समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंच सके।”
प्रशासन ने सभी प्रदेशवासियों से इस राष्ट्रीय कार्य में पूर्ण सहयोग करने और गणनाकर्मियों को सही जानकारी प्रदान करने का आग्रह किया है।