गौरव कोचर, जयपुर /जगन गुर्जर हत्याकांड को लेकर गुर्जर समाज में आक्रोश गहराता जा रहा है। मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जाँच सुनिश्चित करने की माँग को लेकर आज राजधानी जयपुर में गुर्जर समाज के विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों के एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के मुख्यमंत्री के नाम अतिरिक्त जिला कलेक्टर (प्रथम) को ज्ञापन सौंपा। समाज ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि इस मामले की जाँच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को नहीं सौंपी गई, तो आने वाले दिनों में प्रदेशव्यापी बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा।
स्वतंत्र एजेंसी से जाँच की माँग: रवि शंकर धाभाई
ज्ञापन सौंपने के बाद पत्रकारों से मुखातिब होते हुए अखिल भारतीय गुर्जर महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष रवि शंकर धाभाई ने कहा कि इस जघन्य हत्याकांड ने पूरे गुर्जर समाज को झकझोर कर रख दिया है। समाज में असुरक्षा और चिंता का माहौल है।
”जगन गुर्जर हत्याकांड की निष्पक्ष जाँच स्थानीय स्तर पर संभव नहीं लग रही है। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और दोषियों को सलाखों के पीछे भेजने के लिए सीबीआई जैसी स्वतंत्र और केंद्रीय एजेंसी से जाँच कराना बेहद ज़रूरी है। हम मुख्यमंत्री से उम्मीद करते हैं कि वे मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल सीबीआई जाँच की अनुशंसा करेंगे और पीड़ित परिवार को उचित सुरक्षा तथा आर्थिक सहायता मुहैया कराएंगे।”
— रवि शंकर धाभाई, राष्ट्रीय अध्यक्ष, अखिल भारतीय गुर्जर महासंघ
सरकार को अल्टीमेटम: व्यापक आंदोलन की चेतावनी
इस पूरे प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व अखिल भारतीय गुर्जर महासभा (राजस्थान) के प्रदेश महामंत्री एडवोकेट राजेन्द्र गोवल्या ने किया। सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि न्याय में देरी भी एक तरह का अन्याय है।
गोवल्या ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “यदि राज्य सरकार ने समाज की इस जायज माँग पर समय रहते सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो गुर्जर समाज चुप नहीं बैठेगा। हम लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होंगे। इसके बाद होने वाले किसी भी व्यापक जनआंदोलन और कानून-व्यवस्था की स्थिति की संपूर्ण ज़िम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।”
प्रमुख पदाधिकारियों की रही मौजूदगी
ज्ञापन सौंपने के दौरान गुर्जर समाज के विभिन्न धड़ों, सामाजिक संगठनों और धार्मिक संस्थाओं के पदाधिकारी एकजुट नज़र आए। इस दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित पदाधिकारी एवं समाजबंधु उपस्थित रहे:
- चंद्रशेखर बसवा
- गौरीशंकर डोई
- रामावतार बड़िया
- मनीष भरगढ़
- लक्ष्मण लादी
- फूलचंद बैंसला
- बाबूलाल छेपट
- घनश्याम गर्राटी
- सीताराम कसाना
- बीरबल डोई
- रामचंद्र फागना
- मुकेश धाभाई
- रमेश बगड़वाल
कानून के प्रति विश्वास बहाली की अपील
प्रतिनिधिमंडल ने सामूहिक रूप से कहा कि इस हत्याकांड ने आमजन के बीच कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। समाज के प्रतिनिधियों का मानना है कि निष्पक्ष जाँच ही एकमात्र जरिया है जिससे जनता का कानून और प्रशासन के प्रति विश्वास बहाल हो सकता है। अब देखना यह है कि गुर्जर समाज के इस कड़े रुख के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) इस पर क्या और कितनी जल्दी एक्शन लेता है।