जंतर मंतर पर राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस का आयोजन
23 अगस्त 2025, 09:47 PM ।नरेश गुनानी।टेलीग्राफ टाइम्स
जयपुर, 23 अगस्त।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुझाव पर उपमुख्यमंत्री और पर्यटन मंत्री दिया कुमारी की पहल पर राजस्थान को एस्ट्रो टूरिज्म में अग्रणी प्रदेश बनाने के लिए जयपुर स्थित यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल जंतर मंतर पर शनिवार को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस का आयोजन किया गया। राजस्थान पर्यटन विभाग और स्पेस इंडिया के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री और पर्यटन मंत्री दिया कुमारी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं।
मैं भी बनना चाहती थी अंतरिक्ष वैज्ञानिक: दिया कुमारी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक और गौरवशाली है, क्योंकि पूरे 300 वर्षों के बाद जंतर मंतर के भव्य यंत्रों का प्रयोग लाइव खगोलीय अवलोकन के लिए किया गया है। उन्होंने कहा कि मैं भी अंतरिक्ष वैज्ञानिक बनना चाहती थी, लेकिन राजनीतिज्ञ बन गई।
प्रधानमंत्री की प्रेरणा से हुआ आयोजन
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा से यह आयोजन संभव हुआ है। यह केवल एक वैज्ञानिक उपलब्धि नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध परंपरा और गहन खगोल ज्ञान को पुनर्जीवित करने का एक अद्वितीय अवसर है। यह आयोजन विज्ञान, संस्कृति और इतिहास का संगम है। उन्होंने कहा कि भारत का प्राचीन ज्ञान और आधुनिक अंतरिक्ष उपलब्धियां मिलकर पूरी दुनिया को दिशा देने की क्षमता रखते हैं।
विरासत से विकास : अंतरिक्ष विज्ञान की ओर
दिया कुमारी ने कहा कि राजस्थान अपने किलों, महलों और विरासत के लिए विश्वविख्यात है। लेकिन अब यह भी सिद्ध हो रहा है कि राजस्थान ज्ञान और वैज्ञानिक दृष्टिकोण की भी धरती है। धरोहर केवल संरक्षित करने के लिए नहीं है, बल्कि उसे जीने, अनुभव करने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने का माध्यम भी है। इस वर्ष का विषय “प्राचीन आकाश से अंतरिक्ष युग तक” रखा गया।
महाराजा सवाई जय सिंह से चंद्रयान और गगनयान तक की यात्रा
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन हमारे गौरवशाली सफर को प्रदर्शित करता है—जब महाराजा सवाई जय सिंह ने भव्य यंत्रों से आकाश का अध्ययन किया था और आज भारत चंद्रयान व गगनयान जैसे मिशनों के माध्यम से नए क्षितिज छू रहा है। उन्होंने पर्यटन विभाग, राजस्थान सरकार और स्पेस इंडिया को आयोजन की सफलता पर बधाई दी और कहा कि यह दिन हमेशा याद किया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री ने किया अंतरिक्ष अवलोकन
दिया कुमारी ने इस अवसर पर इसरो द्वारा लगाई गई अंतरिक्ष उपलब्धियों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने वाटर रोकेट्री का प्रदर्शन देखा और टेलीस्कोप के माध्यम से अंतरिक्ष अवलोकन का सजीव अनुभव किया।
बच्चों और युवाओं के लिए आयोजन
कार्यक्रम में भारत की प्राचीन खगोल विद्या से लेकर आधुनिक अंतरिक्ष उपलब्धियां जैसे चंद्रयान और गगनयान एक ही मंच पर प्रस्तुत की गईं। दिनभर कई गतिविधियां आयोजित हुईं, जिनमें—
- विशेष व्याख्यान “जंतर मंतर से चंद्रयान तक”
- इंट्रेक्टिव साइंस ज़ोन
- सुरक्षित सूर्य अवलोकन
- सौरमंडल वर्क मॉडल
- स्पेस क्वीज़
- वाटर रॉकेट लॉन्च
- बच्चों के लिए आर्ट और क्राफ्ट एग्जीबिशन
- भारत के अंतरिक्ष अन्वेषण का भविष्य पर लाइव टेलीकास्ट
इसके अलावा राजस्थान से इसरो में सेवाएं दे चुके वैज्ञानिकों ने विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को खगोल विज्ञान की गहराई से जानकारी दी।
पर्यटन विभाग और स्पेस इंडिया की भूमिका
इस अवसर पर पर्यटन विभाग की आयुक्त रुक्मणी रियाड़ ने भी उपस्थित जनों का उत्साहवर्धन किया। स्पेस इंडिया के संस्थापक व सीएमडी डॉक्टर सचिन भाभा ने बताया कि इस आयोजन में पहली बार जंतर मंतर के प्राचीन यंत्रों का उपयोग लाइव खगोलीय अवलोकन के लिए किया गया है।