जंगल मितान स्थापना दिवस पर पर्यावरण मितानों का होगा सम्मान
28 अगस्त 2025। गणपत चौहान।ब्यूरो चीफ़ छत्तीसगढ़ टेलीग्राफ टाइम्स
बिलासपुर। पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सक्रिय संस्था जंगल मितान कल्याण समिति, छत्तीसगढ़ अपने स्थापना के 32 वर्ष पूरे कर रही है। इस अवसर पर 30 अगस्त, शनिवार को एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें जिले के पर्यावरण मितानों को सम्मानित किया जाएगा।
वृक्षारोपण से हुई थी शुरुआत
संस्था की स्थापना 30 अगस्त 1994 को पूर्व विधायक चन्द्र प्रकाश बाजपेयी द्वारा की गई थी। अपने जन्मदिन के अवसर पर उन्होंने वट, रुद्राक्ष, हर्रा, बहेरा, चंदन, आंवला, नीम और आम जैसे अनेक वृक्ष लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया था। वृक्षारोपण के साथ पूजन, आरती, हवन एवं रक्षासूत्र बांधकर संस्था के कार्यों की औपचारिक शुरुआत हुई थी। तब से लेकर अब तक संस्था लगातार जंगल बचाने और पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाने में जुटी है।
आयोजन स्थल और समय
32वां स्थापना दिवस समारोह स्थानीय बाजपेयी परिषद, विकास नगर, 27 खोली में प्रातः 10 बजे से शुरू होगा।
विशिष्ट अतिथि
कार्यक्रम में कई वरिष्ठ साहित्यकार और शिक्षाविद शामिल होंगे। इनमें प्रमुख हैं –
- डॉ. पं. गिरधर शर्मा (अखिल भारतीय कथावाचक)
- डॉ. विनय पाठक (कुलपति)
- डॉ. विजय सिन्हा (काव्य भारती)
- डॉ. अजय पाठक (अखिल भारतीय कवि)
- डॉ. शकुंतला जितपुरे (अध्यक्ष, सेनानी परिषद)
- बहन लता यादव (सचिव, स्काउट एंड गाइड)
सम्मानित पर्यावरण मितान
इस अवसर पर जिले के पाँच प्रमुख पर्यावरण मितानों को स्मृति चिन्ह, श्रीफल और शाल देकर सम्मानित किया जाएगा। इनमें शामिल हैं –
- श्याम मोहन दुबे – अरपा अर्पण महाअभियान जन आंदोलन
- दूज राम भेड़पाल – अध्यक्ष, पेड़प्रेमी सेंदरी
- शत्रुघन सोनी – पर्यावरण वार्ड प्रभारी, 27 खोली
- इन्द्रजीत सिंह सोहल – संस्थापक, वृक्ष ही जीवन है अभियान
- महेन्द्र टंडन – डी.ओ.सी., स्काउट एंड गाइड बिलासपुर
संस्था की उपलब्धियाँ
संस्था का केंद्रीय मुख्यालय अचानकमार अभयारण्य, शिवतराई में स्थित है। यहां से प्रति वर्ष बच्चों, युवाओं और महिलाओं के लिए जंगल भ्रमण, ट्रेकिंग, ग्रामीण खेल, लोक संस्कृति एवं शुद्ध आहार-विहार जैसे आयोजन किए जाते हैं। अब तक संस्था ने हजारों लोगों को जंगल मितान बनाया है और जंगल-जीव-जंतु एवं पर्यावरण का महत्व जन-जन तक पहुँचाया है।
नेतृत्व और अपील
संस्था वर्तमान में अध्यक्ष चन्द्र प्रदीप बाजपेयी, सचिव समीर सिंह और जंगल विशेषज्ञ विवेक जोगलेकर के नेतृत्व में सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। कार्यक्रम संयोजक अखिलेश बाजपेयी ने जिलेभर के पर्यावरण प्रेमियों से इस आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।

