जंगल मितान का 32वां स्थापना दिवस – पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयास अनुकरणीय : डॉ. पाठक

जंगल मितान का 32वां स्थापना दिवस – पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयास अनुकरणीय : डॉ. पाठक

बिलासपुर। गणपत चौहान, ब्यूरो चीफ़ छत्तीसगढ़,टेलीग्राफ टाइम्स।
पर्यावरण संरक्षण और जन-जागरूकता के उद्देश्य से कार्यरत संस्था जंगल मितान का 32वां स्थापना दिवस समारोह धूमधाम से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अतिथि के रूप में डॉ. विनय कुमार पाठक (पूर्व अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग एवं कुलपति, थावे विद्यापीठ, बिहार), सुप्रसिद्ध भागवताचार्य डॉ. गिरधर शर्मा, वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. अजय पाठक, डॉ. शकुंतला जितपुते और पार्षद नितिन पटेल उपस्थित रहे।

Photo credit Telegraph Times

पर्यावरण मितानों का सम्मान

इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण हेतु उल्लेखनीय कार्य करने वाले पांच पर्यावरण मितानों – श्याम मोहन दुबे (संस्थापक अरपा अर्पण महा अभियान), दुजराम भेड़पाल (अध्यक्ष पेड़ प्रेमी सेंदरी), शत्रुघ्न सोनी (पर्यावरण प्रभारी 27 खोली), इंद्रजीत सिंह सोहेल (संयोजक वृक्ष ही जीवन है) और महेंद्र टंडन (जीओसी स्काउट एंड गाइड) को शाल, श्रीफल और मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया गया।

संस्थापक का पौधरोपण संकल्प

संस्था के संस्थापक चन्द्रप्रकाश वाजपेयी ने स्वागत भाषण में बताया कि जंगल मितान का मुख्यालय अचानकमार शिवतराई में स्थित है, जहां बच्चों को पर्यावरणीय जानकारी, जंगल भ्रमण, ट्रेकिंग, ग्रामीण खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन होता है।
समारोह में उनके जन्मदिन पर अतिथियों ने शाल-श्रीफल और मोमेंटो देकर उनका सम्मान किया। वाजपेयी ने कहा कि वे पिछले 32 वर्षों से अपने जन्मदिन पर पौधरोपण कर रहे हैं। उन्होंने पौधारोपण और पावन वृक्षों की पूजा को पर्यावरण संरक्षण का सशक्त माध्यम बताया।

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अतिथियों के विचार

  • डॉ. विनय कुमार पाठक ने जंगल मितान के प्रयासों को अनुकरणीय बताते हुए कहा कि 32 वर्षों से पौधरोपण की परंपरा प्रशंसनीय है।
  • डॉ. गिरधर शर्मा ने पौधरोपण को आध्यात्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बताया और नवग्रह वाटिका की अवधारणा पर प्रकाश डाला।
  • डॉ. अजय पाठक, डॉ. शकुंतला जितपुते और नितिन पटेल ने संस्था के संस्थापक चन्द्रप्रकाश वाजपेयी व अध्यक्ष चन्द्रप्रदीप वाजपेयी को बधाई दी और उनके कार्यों की सराहना की।

व्यापक सहभागिता

समारोह में अंजनी कुमार तिवारी सुधाकर, डॉ. राघवेन्द्र कुमार दुबे, डॉ. अंकुर शुक्ला, डॉ. विवेक तिवारी, शत्रुघ्न जैसवानी, राम निहोरा राजपूत, मंतराम यादव, राजेश सोनार, शीतल प्रसाद पाटनवार, ध्रुव देवांगन, विजय नारायण मिश्रा, सी.एम. दीक्षित, रमेश चन्द्र श्रीवास्तव, डॉ. उषा किरण बाजपेयी, त्रिवेणी भोई, श्वेता पांडेय, डॉ. रश्मि बाजपेयी, राजीव नयन शर्मा, देवेंद्र बाजपेयी, नीरज तिवारी, पंकज चौहान, शेलेंद्र शुक्ला, मनहरन पूरी, ओंकार पटेल, प्रदीप नारंग, राम नारायण पटेल सहित बड़ी संख्या में पर्यावरण प्रेमी शामिल हुए।

कार्यक्रम का संचालन चन्द्रप्रकाश वाजपेयी ने किया और आभार प्रदर्शन चन्द्रशेखर वाजपेयी ने किया।
समारोह में साहित्यकारों, नागरिकों और संस्था पदाधिकारियों ने मिलकर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में जंगल मितान के प्रयासों को नई ऊर्जा प्रदान की।

 

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