योगेश शर्मा
जयपुर। पवन पुत्र हनुमान जी महाराज का जन्मोत्सव चैत्र पूर्णिमा के पावन अवसर पर गुरुवार को गुलाबी नगरी में अत्यंत भक्तिभाव और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। ‘जय श्री राम’ और ‘जय हनुमान’ के जयकारों से छोटीकाशी के मंदिर गूंज उठे। सुबह ब्रह्म मुहूर्त से ही मंदिरों में अभिषेक, विशेष श्रृंगार और महाआरती का दौर शुरू हुआ, जो देर रात तक भजन संध्याओं और सुंदरकांड के पाठ के साथ जारी रहा।
प्रमुख मंदिरों में विशेष आयोजन और झांकियां
शहर के प्रतिष्ठित हनुमान मंदिरों में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी गईं। भक्तों ने परिवार सहित दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की।
- घाट के बालाजी: जयपुर के कुल देवता के रूप में प्रसिद्ध पुराना घाट स्थित मंदिर में स्वामी सुदर्शनाचार्य महाराज के सान्निध्य में हनुमान जी का पंचामृत अभिषेक किया गया। देवस्थान विभाग द्वारा मंदिर की विशेष सजावट की गई और भगवान को नवीन पोशाक व सिंदूरी चोला धारण कराकर चूरमे का भोग लगाया गया। यहाँ कई परिवारों ने बच्चों के जात-जडूले भी उतारे।
- काले हनुमान जी (चांदी की टकसाल): महंत गोपालदास महाराज के सान्निध्य में यहाँ सहस्त्रधाराभिषेक किया गया। युवाचार्य पं. योगेश शर्मा के अनुसार, सामूहिक संगीतमय सुंदरकांड और भव्य पुष्प सज्जा आकर्षण का केंद्र रही। कई जनप्रतिनिधियों ने भी यहाँ विशेष झांकी के दर्शन किए।
- खोले के हनुमान जी: यहाँ 108 औषधि द्रव्यों और विभिन्न तीर्थों के जल से महाअभिषेक किया गया। हनुमान जी को चांदी की भारी-भरकम पोशाक धारण करवाई गई। पूरा परिसर फूलों और गुब्बारों से सजा रहा और दोपहर में विशेष उत्सव आरती हुई।
- संकट मोचन हनुमान (अंबाबाड़ी): यहाँ ‘उज्जैन महल’ की थीम पर मुख्य द्वार सजाया गया। मंदिर में बजरंगबली हवा में उड़ते हुए नजर आए, जो भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। प्रवेश द्वार पर वैष्णो देवी और महालक्ष्मी की ‘जंगल थीम’ सजाई गई। शाम को 20 बच्चों की ‘वानर सेना’ की उछल-कूद और भव्य आतिशबाजी ने समां बांध दिया।
उपमुख्यमंत्री ने की पूजा-अर्चना
सांगानेरी गेट स्थित पश्चिम मुखी हनुमान मंदिर में भी अभिषेक और पूजन के विशेष आयोजन हुए। इस अवसर पर प्रदेश की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और प्रदेश की खुशहाली की प्रार्थना की। वहीं, चांदपोल हनुमान मंदिर और रामचंद्र जी मंदिर में भी सुगंधित द्रव्यों व केवड़ा जल से अभिषेक कर विशेष श्रृंगार किया गया।
घर-घर गूंजी हनुमान चालीसा, लगा चूरमे का भोग
मंदिरों के साथ-साथ शहर के घर-घर में भी हनुमान जन्मोत्सव का उत्साह देखा गया। लोगों ने घरों में सुंदरकांड और हनुमान चालीसा के पाठ किए। विशेष रूप से दाल-बाटी, चूरमा और खीर का भोग लगाकर प्रसाद वितरित किया गया।
शहर के अन्य प्रमुख मंदिरों जैसे पापड़ के हनुमान जी, ढेहर के बालाजी, बंधे के बालाजी, मंशापूर्ण हनुमान और पेट्रोल पंप वाले हनुमान मंदिर में भी दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस प्रशासन द्वारा भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
