बुधराम अग्रवाल
रायगढ़/धरमजयगढ़। रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ अनुविभाग अंतर्गत छाल तहसील कार्यालय में शुक्रवार को बिलासपुर एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। एसीबी की टीम ने रिश्वतखोरी की शिकायत पर तहसील कार्यालय में दबिश देकर किचन रूम में रखे एक डिब्बे से 60 हजार रुपये नगद बरामद किए हैं। हालांकि, इस कार्रवाई के दौरान किसी भी आरोपी को मौके पर रंगे हाथों नहीं पकड़ा जा सका है।
बी-1 त्रुटि सुधार के एवज में मांगी थी रिश्वत
जानकारी के अनुसार, धसकामुड़ा निवासी कंचनबाई सारथी अपनी जमीन गांव के उपसरपंच भानुप्रताप पटेल को बेच रही थीं। जमीन का फौती नामांतरण न होने के कारण भूमि विक्रय (रजिस्ट्री) की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही थी। इसके बाद कंचनबाई सारथी ने बी-1 में त्रुटि सुधार करवाने और अपना नाम जुड़वाने के लिए 19 जनवरी 2026 को छाल तहसील कार्यालय में खसरा क्रमांक 377/5, 298/1, 299/3 एवं 299/5 से संबंधित दो आवेदन प्रस्तुत किए थे। इस शासकीय कार्य और पेशी में उपस्थित होने के लिए उन्होंने भानुप्रताप पटेल को मुख्तियारनामा (पावर ऑफ अटॉर्नी) दिया था।
शिकायतकर्ता भानुप्रताप पटेल का आरोप है कि तहसील कार्यालय में अटैचमेंट पर लिपिक (बाबू) के रूप में कार्यरत शिक्षक तुलाराम पटेल ने बी-1 त्रुटि सुधार करने के एवज में पहले एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। बाद में दोनों पक्षों के बीच सौदा 60 हजार रुपये में तय हुआ।
किचन के डिब्बे में रखवाई रकम, एसीबी ने की बरामदगी
भानुप्रताप पटेल रिश्वत की रकम नहीं देना चाहते थे, इसलिए उन्होंने इसकी शिकायत बिलासपुर एसीबी से कर दी। योजना के मुताबिक, शुक्रवार दोपहर करीब 1 बजे शिकायतकर्ता भानुप्रताप तहसील कार्यालय पहुंचे और लिपिक तुलाराम पटेल के निर्देशानुसार कार्यालय के किचन रूम में रखे एक डिब्बे के अंदर 60 हजार रुपये नगद रख दिए।
रंगेहाथ नहीं हो सकी गिरफ्तारी: शिकायत के आधार पर पहले से ही तहसील कार्यालय के आसपास घात लगाकर बैठी एसीबी इंस्पेक्टर योगेश राठौड़ के नेतृत्व वाली टीम ने तुरंत दबिश दी। टीम ने शिकायतकर्ता के बताए स्थान (किचन के डिब्बे) से रिश्वत के 60 हजार रुपये नगद बरामद कर लिए। लेकिन, इस दौरान नोटों का लेन-देन प्रत्यक्ष रूप से न होने के कारण किसी भी आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार नहीं किया जा सका।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू
भले ही मौके से सीधी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है, लेकिन एसीबी ने शिकायत, रुपयों की बरामदगी और प्राथमिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपी लिपिक (शिक्षक) तुलाराम पटेल के विरुद्ध धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस अचानक हुई कार्रवाई से छाल तहसील कार्यालय सहित पूरे जिले के प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।