गणपत चौहान
कुड़ेकेला/छाल: “मंजिलें उन्हीं को मिलती हैं जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती है।” इन पंक्तियों को अक्षरशः सच कर दिखाया है रायगढ़ जिले के छाल तहसील के अंतर्गत आने वाले छोटे से ग्राम चंद्रशेखरपुर के होनहार युवा पुष्पेंद्र पटेल ने। पुष्पेंद्र का चयन देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) में वैज्ञानिक के पद पर हुआ है। उनकी इस अभूतपूर्व उपलब्धि से न केवल परिवार, बल्कि पूरे जिले में हर्ष की लहर दौड़ गई है।
अभावों को दी मात, मेहनत से गढ़ा मुकाम
पुष्पेंद्र पटेल (पिता: पुरुषोत्तम पटेल) की यह सफलता उन सभी युवाओं के लिए एक मिसाल है जो संसाधनों की कमी का रोना रोते हैं। ग्रामीण परिवेश और सीमित सुविधाओं के बीच पले-बढ़े पुष्पेंद्र ने साबित कर दिया कि आसमान की बुलंदियों को छूने के लिए बड़े शहर या महंगे संसाधनों की नहीं, बल्कि फौलादी इरादों और कड़ी मेहनत की जरूरत होती है। उनकी इस जीत ने छाल क्षेत्र को राष्ट्रीय पटल पर गौरवान्वित किया है।
विधायक लालजीत सिंह राठिया ने मिठाई खिलाकर दी बधाई
पुष्पेंद्र की इस ऐतिहासिक सफलता की गूँज जब क्षेत्रीय विधायक लालजीत सिंह राठिया तक पहुँची, तो वे स्वयं को रोक नहीं पाए। विधायक राठिया ने विशेष रूप से पुष्पेंद्र और उनके परिवार से मुलाकात की। उन्होंने पुष्पेंद्र की पीठ थपथपाई, उन्हें तिलक लगाया और मिठाई खिलाकर उनका मुँह मीठा कराया।
”पुष्पेंद्र आज लाखों युवाओं के प्रेरणास्रोत हैं” – विधायक
इस आत्मीय मुलाकात के दौरान विधायक लालजीत सिंह राठिया ने कहा:
“पुष्पेंद्र ने न केवल अपने माता-पिता का, बल्कि पूरे छाल क्षेत्र और छत्तीसगढ़ राज्य का नाम पूरे देश में रोशन किया है। संसाधनों के अभाव के बावजूद डीआरडीओ जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में वैज्ञानिक बनना यह दर्शाता है कि हमारे वनांचल और ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। पुष्पेंद्र की यह सफलता आज क्षेत्र के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगी।”
देश की रक्षा प्रणाली में देंगे योगदान
विधायक ने पुष्पेंद्र के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आशीर्वाद दिया और आशा व्यक्त की कि वे भारत की रक्षा प्रणाली को नई ऊंचाइयों पर ले जाने और देश को सुरक्षित बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगे। इस गरिमामयी मुलाकात के दौरान गाँव के गणमान्य नागरिक, पुष्पेंद्र के परिजन और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे, जिन्होंने पुष्पेंद्र का गर्मजोशी से स्वागत किया।