गनपत चौहान
कुड़ेकेला/रायगढ़। रायगढ़ जिले के छाल थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कुड़ेकेला मुख्य मार्ग पर आज उस वक्त अचानक हड़कंप और अफरा-तफरी मच गई, जब तेज रफ्तार से आ रही दो मोटरसाइकिलें आपस में सीधे टकरा गईं। टक्कर इतनी जबरदस्त और भीषण थी कि दोनों बाइकों के सामने के हिस्से पूरी तरह से चकनाचूर हो गए और गाड़ियों के परखच्चे उड़ गए। इस खौफनाक हादसे के तुरंत बाद सड़क पर चीख-पुकार मच गई, जिसे सुनकर आस-पास के खेतों और गांवों के लोग सहम गए और भारी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जमा हो गई।

विपरीत दिशा से आ रही थीं गाड़ियां, अनियंत्रित होकर टकराईं
मिली जानकारी के अनुसार, इस सड़क दुर्घटना में शामिल पहली मोटरसाइकिल स्प्लेंडर प्रो (क्रमांक CG 12 BC 6255) थी, जिस पर कछार निवासी एक परिवार सवार था। वहीं, दूसरी मोटरसाइकिल (क्रमांक CG 14 MX 1244) थी, जिस पर पत्थलगांव क्षेत्र के दुदुंगजोर कांसाबहार निवासी एक दंपति अपने दो मासूम बच्चों के साथ सफर कर रहे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दोनों गाड़ियां विपरीत दिशा से आ रही थीं। रफ्तार तेज होने के कारण मोड़ या सामने आने पर दोनों चालक अचानक संतुलन खो बैठे और गाड़ियां अनियंत्रित होकर सीधे आमने-सामने भिड़ गईं। टक्कर होते ही दोनों बाइकों पर सवार मासूम बच्चों और महिलाओं सहित सभी लोग हवा में उछलकर सड़क पर दूर जा गिरे। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि टक्कर इतनी जोरदार थी कि कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी, लेकिन गनीमत यह रही कि इतनी बड़ी दुर्घटना के बावजूद किसी की जान नहीं गई। हालांकि, हादसे में सभी सवारों को गंभीर चोटें आई हैं।
मासूमों की चीख सुन मदद को दौड़े ग्रामीण, भेजा गया अस्पताल
हादसे के ठीक बाद मौके पर दिल दहला देने वाला मंजर था। सड़क पर गिरे घायल माता-पिता को देखकर उनके मासूम बच्चों की चीखें निकल रही थीं। बच्चों के रोने की आवाज सुनकर स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत मानवता का परिचय दिया और घटना स्थल की ओर दौड़ पड़े।
ग्रामीणों ने बिना वक्त गंवाए सड़क पर तड़प रहे घायलों को संभाला और उन्हें ढांढस बंधाया। इसके बाद स्थानीय लोगों की सक्रियता से सभी घायलों को तुरंत उठाकर प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, छाल भेजा गया। अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों की टीम ने घायलों का त्वरित इलाज शुरू किया। डॉक्टरों के अनुसार, सभी घायलों को शरीर पर कई जगह चोटें आई हैं, लेकिन प्राथमिक उपचार के बाद सभी की स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।
इस हादसे ने एक बार फिर मुख्य मार्गों पर वाहनों की अनियंत्रित रफ्तार और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है, हालांकि ग्रामीणों की सूझबूझ से समय रहते घायलों को डॉक्टरी सहायता मिल सके।