छत्तीसगढ़ में शिक्षा क्रांति: AI और डिजिटल संसाधनों से लैस होंगे शिक्षक, मुख्यमंत्री ने किया विजन स्पष्ट

गणपत चौहान 

रायपुर: छत्तीसगढ़ को ज्ञान आधारित और तकनीकी रूप से सशक्त राज्य बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने हाल ही में शिक्षा व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन लाने के उद्देश्य से नई पहल की घोषणा की है। उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी कार्यक्रम शिक्षकों और विद्यार्थियों, दोनों के लिए ‘गेम-चेंजर’ यानी परिवर्तनकारी सिद्ध होंगे।

AI आधारित शिक्षण पर जोर

​मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक दौर की चुनौतियों को देखते हुए शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित प्रशिक्षण और डिजिटल संसाधनों से सशक्त किया जाएगा। इससे न केवल कक्षा शिक्षण अधिक प्रभावी बनेगा, बल्कि शिक्षा ‘परिणामोन्मुख’ (Result-oriented) भी होगी। तकनीकी रूप से दक्ष शिक्षक छात्रों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार कर सकेंगे।

लक्ष्य: सशक्त और आधुनिक छत्तीसगढ़

​राज्य सरकार के विजन को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य छत्तीसगढ़ को एक ऐसे राज्य के रूप में स्थापित करना है जहाँ:

    • ​हर विद्यार्थी को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले।
    • ​शिक्षा के क्षेत्र में अवसरों की कोई कमी न हो।
    • ​जमीनी स्तर पर तकनीक-सक्षम शिक्षा व्यवस्था का निर्माण हो।

​”यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और डिजिटल इंडिया के दृष्टिकोण के पूर्णतः अनुरूप है। हम एक ऐसी व्यवस्था बना रहे हैं जो भविष्य की पीढ़ियों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगी।” — मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़

 

वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति

​इस महत्वपूर्ण अवसर पर प्रशासनिक अमले की भी सक्रिय भागीदारी रही। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के सचिव मुकेश बंसल, रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह सहित शिक्षा विभाग और प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि इन योजनाओं का क्रियान्वयन जमीनी स्तर पर सुनिश्चित किया जाए ताकि अंतिम छोर पर बैठे विद्यार्थी को भी इसका लाभ मिल सके।

मुख्य आकर्षण: डिजिटल शिक्षा की नई रूपरेखा

विशेषता

विवरण

मुख्य तकनीक

AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित शिक्षक प्रशिक्षण

नीतिगत आधार

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एवं डिजिटल इंडिया

प्रमुख उद्देश्य

प्रभावी कक्षा शिक्षण और तकनीकी सशक्तिकरण

लक्षित समूह

शासकीय विद्यालयों के शिक्षक एवं विद्यार्थी

यह पहल छत्तीसगढ़ की शिक्षा प्रणाली में एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है, जो राज्य के शैक्षणिक परिदृश्य को आधुनिक और स्मार्ट बनाने की ओर अग्रसर है।

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