डायल 112 ने दिखाई जांबाजी: घेराबंदी देख वाहन छोड़ अंधेरे में भागे आरोपी, फर्जी नंबर प्लेट और भारी मात्रा में जरकेन बरामद
कोरबा में दुर्घटनाग्रस्त मिली दूसरी स्कॉर्पियो से जुड़े तार, पुलिस खंगाल रही है कनेक्शन
बुधराम अग्रवाल
छाल/धरमजयगढ़। छत्तीसगढ़ के छाल और धरमजयगढ़ थाना क्षेत्रों में पिछले करीब दो से तीन वर्षों से सक्रिय और पुलिस के लिए सिरदर्द बना ‘स्कॉर्पियो डीजल चोर गिरोह’ आखिरकार पुलिस के रडार पर आ ही गया है। शनिवार देर रात छाल पुलिस की ‘डायल 112’ टीम और स्थानीय ग्रामीणों की सूझबूझ से गिरोह की एक स्कॉर्पियो गाड़ी को फिल्मी अंदाज में खदेड़कर जब्त कर लिया गया। हालांकि, आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे, लेकिन पुलिस को गाड़ी से कई अहम सुराग हाथ लगे हैं।

हाईटेक चोरों के आगे बेबस थी पुरानी गाड़ियां, नए वाहनों से पलटी बाजी
इलाके के ढाबों और हाइवे पर खड़ी गाड़ियों से रात के अंधेरे में डीजल पार करने वाले इस “स्कॉर्पियो गैंग” की दहशत लंबे समय से थी। कई पीड़ितों ने इसकी शिकायत थानों में दर्ज कराई थी, तो कइयों ने पुलिसिया झंझट से बचने के लिए सूचना तक नहीं दी।
पकड़ने में क्यों आ रही थी चुनौती?
- भौगोलिक स्थिति का फायदा: गिरोह के सदस्य स्थानीय गांवों, गलियों और जंगलों के रास्तों से पूरी तरह वाकिफ हैं।
- बदलते थे गाड़ियां: आरोपी हर बार चोरी के लिए नई और तेज रफ्तार गाड़ियों का इस्तेमाल करते थे।
- पुलिस के खटारा वाहन: अब तक पुलिस के पास पुराने और सुस्त वाहन थे, जिससे अपराधियों का पीछा करना मुश्किल होता था। लेकिन हाल ही में शासन द्वारा नए और आधुनिक वाहन मिलने के बाद पुलिस की गश्त और रिस्पांस टाइम में भारी सुधार आया है, जिसका नतीजा इस कार्रवाई के रूप में देखने को मिला।
डायल 112 के जवानों ने दिखाई जांबाजी, ढाबा संचालक ने किया मार्ग जाम
जानकारी के अनुसार, पिछले दो दिनों से छाल पुलिस और स्थानीय ग्रामीण इन संदिग्ध चोरों को दबोचने के लिए घात लगाकर बैठे थे। शनिवार रात करीब 1 बजे ग्राम हाटी चौक के पास एक संदिग्ध सफेद रंग की स्कॉर्पियो (वाहन क्रमांक- CG 04 QA 6536) मंडराती हुई दिखाई दी।
- मुस्तैदी: छाल थाना के डायल 112 के वाहन चालक सचिन राठौड़ और आरक्षक (नंबर 637) विपिन किशोर खलखो ने तुरंत मोर्चा संभाला और साहस दिखाते हुए स्कॉर्पियो का पीछा करना शुरू किया।
- सूझबूझ: पुलिस ने चोरों को धरमजयगढ़ की ओर खदेड़ा और आगे खड़गांव के पास स्थित ‘महेश (शरण) ढाबा’ के संचालक को फोन कर तुरंत हाईवे पर गाड़ी अड़ाकर मार्ग जाम करने को कहा।
- अनियंत्रित होकर पलटी गाड़ी: जैसे ही चोरों ने आगे रास्ता बंद देखा, उन्होंने हड़बड़ाहट में स्कॉर्पियो को वापस मोड़ने का प्रयास किया। रफ्तार तेज होने के कारण वाहन अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतर गया। खुद को घिरता देख और पीछे से आ रही डायल 112 की टीम को देखकर आरोपी गाड़ी छोड़कर घने अंधेरे का फायदा उठाते हुए जंगल की ओर रफूचक्कर हो गए।
सर्चिंग में खुला राज: गाड़ी से मिलीं फर्जी नंबर प्लेट और हथियार
घटना के बाद जब छाल और धरमजयगढ़ पुलिस की संयुक्त टीम ने लावारिस छूटी स्कॉर्पियो की बारीकी से तलाशी ली, तो दंग रह गए। वाहन के भीतर से निम्नलिखित सामग्रियां बरामद हुईं:
- 10 से 12 नग खाली जरकेन (डीजल भरने के लिए)
- डीजल खींचने वाले विशेष पाइप
- हमले के इरादे से रखे गए पत्थर
- एक अन्य फर्जी नंबर प्लेट (CG 11 BS 1954)
धरमजयगढ़ पुलिस ने तत्काल वाहन को अपने कब्जे में ले लिया है और गाड़ी के चेसिस व इंजन नंबर के जरिए इसके असली मालिक का पता लगाया जा रहा है।
कोरबा की दुर्घटना से जुड़े तार: बड़ी साजिश की आशंका
इस मामले में एक नया और चौंकाने वाला मोड़ तब आया, जब पड़ोसी जिले कोरबा के करतला थाना क्षेत्र के चचिया में एक और संदिग्ध स्कॉर्पियो (वाहन क्रमांक- CG 08 AU 7507) दुर्घटनाग्रस्त हालत में मिली।
पुलिस का अनुमान:
करतला में दुर्घटनाग्रस्त हुई स्कॉर्पियो के अंदर से भी कई फर्जी नंबर प्लेट और जरकेन बरामद हुए हैं। पुलिस को पुख्ता आशंका है कि खड़गांव में पुलिस की घेराबंदी से भागे आरोपियों को रेस्क्यू करने (ले जाने) के लिए यही दूसरी गाड़ी बुलाई गई थी, जो वापसी के दौरान तेज रफ्तार के कारण दुर्घटना का शिकार हो गई।
जांच जारी, जल्द होगा पूरे गिरोह का पर्दाफाश
धरमजयगढ़ और छाल थाना पुलिस दोनों जिलों (रायगढ़ और कोरबा) में मिली गाड़ियों और फर्जी नंबर प्लेट्स के नेटवर्क को खंगाल रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चोरों के बेहद करीब पहुंच चुके हैं और जल्द ही इस अंतर-जिला डीजल चोर गिरोह के सभी सदस्यों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। इस कार्रवाई से क्षेत्र के ढाबा संचालकों और ट्रक चालकों ने राहत की सांस ली है।