गणपत चौहान/ ब्यूरो चीफ़ छत्तीसगढ़
रायपुर: छत्तीसगढ़ में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर स्थापित हुआ है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्य की जनता को उन्नत एम्बुलेंस सेवाओं की सौगात देते हुए बड़ी संख्या में नई एम्बुलेंसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह पहल विशेष रूप से नवजात शिशुओं और गंभीर रूप से बीमार मरीजों को समय पर उच्च स्तरीय उपचार केंद्रों तक पहुंचाने में निर्णायक साबित होगी।
देश का दूसरा राज्य बना छत्तीसगढ़
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस अवसर को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ अब स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। विशेष रूप से 5 नियोनेटल ALS (Advanced Life Support) एम्बुलेंस की शुरुआत के साथ छत्तीसगढ़ देश का ऐसा दूसरा राज्य बन गया है, जहाँ नवजात शिशुओं के लिए इस स्तर की विशिष्ट सेवा उपलब्ध है।
‘चलते-फिरते नवजात ICU’ से बचेगा शिशुओं का जीवन
नई नियोनेटल एम्बुलेंस को आधुनिकतम चिकित्सा उपकरणों से लैस किया गया है। इन्हें “चलते-फिरते नवजात आईसीयू” की संज्ञा दी गई है। इनकी मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
- अत्याधुनिक उपकरण: इन्क्यूबेटर, वेंटिलेटर, डिफिब्रिलेटर, सिरिंज पंप, नेब्युलाइज़र और सक्शन मशीन।
- दवाएँ और ऑक्सीजन: 41 प्रकार की आपातकालीन दवाएँ और पर्याप्त ऑक्सीजन सपोर्ट।
- विशेषज्ञ टीम: प्रशिक्षित नवजात इमरजेंसी तकनीशियन और पायलट के साथ 24×7 सेवा।
- ऑनलाइन मार्गदर्शन: गंभीर स्थितियों में एम्बुलेंस टीम को विशेषज्ञ चिकित्सकों का ऑनलाइन परामर्श भी उपलब्ध कराया जाएगा।
सेवा का लक्ष्य: ‘समय पर सहायता, सुरक्षित जीवन’
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में पिछले दो वर्षों में व्यापक सुधार हुआ है और सरकारी अस्पतालों पर जनता का भरोसा बढ़ा है। सरकार ने एम्बुलेंस सेवा की उपलब्धता के लिए कड़े मानक तय किए हैं:
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क्षेत्र |
पहुँचने का निर्धारित समय |
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शहरी क्षेत्र |
15 मिनट |
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ग्रामीण क्षेत्र |
30 मिनट |
मुख्यमंत्री ने कहा कि 108 एम्बुलेंस सेवा का यह विस्तार इस विश्वास को और गहरा करेगा कि संकट के समय सरकार संवेदनशीलता के साथ जनता के साथ खड़ी है।
मरीजों के लिए उन्नत तकनीक (BLS एवं ALS)
केवल नवजात ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों के लिए भी BLS (Basic Life Support) और ALS एम्बुलेंसों में भारी निवेश किया गया है। इनमें बीपी मॉनिटर, पल्स ऑक्सीमीटर, ईसीजी मॉनिटर और ग्लूकोमीटर जैसी जाँच सुविधाओं के साथ-साथ गंभीर मरीजों के स्थानांतरण के लिए पोर्टेबल वेंटिलेटर और लैरिंजोस्कोप जैसे उपकरण भी उपलब्ध रहेंगे।
कड़ी मॉनिटरिंग और उपस्थिति
स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि एम्बुलेंस सेवा में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए एक विशेष मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया गया है।
इस गरिमामय अवसर पर विधायक मोती लाल साहू, विधायक इंद्र कुमार साहू, सीजीएमएससी के अध्यक्ष दीपक म्हस्के, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, संचालक स्वास्थ्य सेवाएं संजीव झा, प्रबंध संचालक एनएचएम रणबीर शर्मा और आयुक्त चिकित्सा शिक्षा रितेश अग्रवाल सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
