चूरू में लिव-इन पार्टनर की संपत्ति हड़पने के लिए प्रेमिका ने रची खौफनाक साजिश, तांत्रिक की मदद से दिया जहर, कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा
Edited By: गौरव कोचर
टेलीग्राफ टाइम्स
मई 20, 2025
चुरू : राजस्थान के चूरू जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है। साल 2022 में एक महिला ने अपने लिव-इन पार्टनर की संपत्ति हड़पने के लिए उसे मौत के घाट उतारने की साजिश रची थी। इस साजिश में उसका साथ एक तांत्रिक ने दिया। अब इस जघन्य अपराध में चूरू के जिला एवं सत्र न्यायालय ने दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
जहरीले खाने से हुई थी दो लोगों की मौत
यह मामला 10 नवंबर 2022 की रात का है। चूरू जिले के सदर थाना क्षेत्र में यह वारदात घटी थी। आरोपी महिला सुमन और तांत्रिक ओंकारलाल ने मिलकर साजिश रची और मनोज बेनीवाल के घर में जहरीला खाना परोसा गया। इस जहरीले खाने को मनोज, उसका कर्मचारी बाबूलाल और अन्य चार लोगों ने खाया। बाबूलाल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि मनोज गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कुछ दिनों बाद जयपुर के एक अस्पताल में वेंटिलेटर पर उसकी भी मौत हो गई।

संपत्ति की लालच में रची गई थी साजिश
आरोपी सुमन और मनोज पिछले कई सालों से लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। दोनों शादीशुदा थे। मनोज शहर में ऊंटगाड़ी, घोड़े और डीजे किराए पर देने का काम करता था और उसके पास काफी संपत्ति थी। सुमन की नीयत उसी संपत्ति पर थी। इसी लालच में उसने मनोज से छुटकारा पाने का फैसला किया और अपने तांत्रिक साथी ओंकारलाल से संपर्क साधा। ओंकारलाल ने सुमन को जहरीली गोलियां और पाउडर दिया, जिसे सुमन ने खाने में मिला दिया।
तांत्रिक से बढ़ी नजदीकियां बनी साजिश की वजह
जांच में पता चला कि ओंकारलाल अक्सर मनोज के घर आता-जाता था और उसने मनोज से पैसे भी उधार लिए थे। लेकिन मनोज उससे पैसे वसूल नहीं कर पा रहा था। इस दौरान ओंकारलाल और सुमन के बीच नजदीकियां बढ़ गईं और दोनों ने मिलकर मनोज को रास्ते से हटाने का षड्यंत्र रच डाला।
मृतक की पत्नी ने दर्ज कराया था मुकदमा
इस खौफनाक वारदात के बाद मनोज की पत्नी चांदरतन ने सदर थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने गहन जांच के बाद सुमन और ओंकारलाल को गिरफ्तार कर लिया। सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई। सोमवार को अदालत ने इस केस में सख्त फैसला सुनाते हुए दोनों आरोपियों को हत्या का दोषी करार दिया।
कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय (एडीजे) ने सुमन और तांत्रिक ओंकारलाल को उम्रकैद की सजा सुनाते हुए प्रत्येक पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। अदालत ने कहा कि यह हत्या एक सुनियोजित साजिश का नतीजा थी, जिसमें लालच और तांत्रिक विश्वास की आड़ में निर्दोषों की जान ली गई।
यह मामला रिश्तों में लालच, अंधविश्वास और अपराध के खतरनाक गठजोड़ का वीभत्स उदाहरण है, जिससे समाज को सतर्क रहने की जरूरत है।

