चेन्नई और मुंबई में चलाए गए विशेष अभियानों के दौरान कुल 12 तस्कर दबोचे गए
- “ट्रॉली बैग” और “स्प्रेयर” की आड़ में चीन से मंगाए जा रहे थे 40 फुट लंबे दो कंटेनर
- कंटेनर फ्रेट स्टेशन (CFS) के कर्मचारियों की मिलीभगत आई सामने, विभाग की बिना अनुमति के माल बदलने का खेल बेनकाब
नई दिल्ली / चेन्नई, 27 जून/ गौरव कोचर
देश में खतरनाक और प्रतिबंधित सामानों के अवैध आयात के खिलाफ राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। डीआरआई ने चेन्नई बंदरगाह के रास्ते भारत में चीनी आतिशबाजी और पटाखों की तस्करी के दो बड़े प्रयासों को पूरी तरह विफल कर दिया है। मुंबई और चेन्नई में संयुक्त रूप से की गई इस कार्रवाई के दौरान लगभग 35 करोड़ रुपये मूल्य के चीनी पटाखे जब्त किए गए हैं और गिरोह में शामिल कुल 12 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया गया है।
चेन्नई बंदरगाह पर ‘लगेज’ की आड़ में छिपाई थी आतिशबाजी
डीआरआई के अधिकारियों ने चेन्नई बंदरगाह पर चीन से आए 40 फुट लंबे दो संदिग्ध कंटेनरों को जांच के लिए रोका। दस्तावेजों में इन कंटेनरों के भीतर “ट्रॉली बैग” और “स्प्रेयर” होने की गलत घोषणा (डिक्लेरेशन) की गई थी।
जब अधिकारियों ने कंटेनरों की बारीकी से तलाशी ली, तो दंग रह गए। अन्य सामानों की आड़ में छुपाकर रखे गए लगभग 46,000 प्रतिबंधित चीनी पटाखे और आतिशबाजी का सामान बरामद किया गया।

सीएफएस कर्मचारी की मिलीभगत से चल रहा था माल बदलने का खेल
एक अन्य मामले में, डीआरआई से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर चेन्नई सीमा शुल्क (कस्टम्स) विभाग ने 18.7 मीट्रिक टन चीनी पटाखों की तस्करी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया। जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ:
अवैध हेराफेरी का तरीका: तस्करों ने कस्टम्स विभाग की अनुमति के बिना ही प्रतिबंधित सामान से भरे कंटेनर को कंटेनर फ्रेट स्टेशन (CFS) से बाहर निकाल लिया था। इसके बाद उसके अंदर मौजूद पटाखों को चुपके से सुरक्षित स्थान पर उतारा गया, कंटेनर में दूसरा स्थानीय सामान भरा गया और उसे वापस सीएफएस में लाकर खड़ा कर दिया गया। इस पूरे खेल में सीएफएस के एक कर्मचारी की सक्रिय भूमिका पाई गई। इस मामले में कर्मचारी सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
मुंबई में भी चला महा-अभियान: 100 मीट्रिक टन से अधिक माल बरामद
चेन्नई के अलावा, मई 2026 से ही डीआरआई मुंबई में भी लगातार बड़े स्तर पर अभियान चला रही है। मुंबई के अभियानों में अब तक 100 मीट्रिक टन से अधिक चीनी पटाखे जब्त किए जा चुके हैं। मुंबई में भी सीएफएस के कर्मचारियों द्वारा तस्करों की मदद करने और माल की अदला-बदली करने के प्रयास का खुलासा हुआ था। वहां एक एक्सपोर्ट मैनेजर और सीएफएस के चार कर्मचारियों सहित कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
नियमों का उल्लंघन और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा
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नियामक संस्थाएं |
आवश्यक नियम एवं शर्तें |
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विदेश व्यापार नीति (ITC HS) |
पटाखों का आयात पूरी तरह से ‘प्रतिबंधित’ श्रेणी में आता है। |
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DGFT और PESO |
इसके आयात के लिए विदेश व्यापार महानिदेशालय और पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन से वैध लाइसेंस होना अनिवार्य है। |
डीआरआई के अधिकारियों के मुताबिक, इस प्रकार के खतरनाक विस्फोटक सामान का अवैध आयात न केवल देश के नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह सार्वजनिक सुरक्षा, राष्ट्रीय सुरक्षा, बंदरगाह के बुनियादी ढांचे तथा देश के नौवहन एवं लॉजिस्टिक्स तंत्र के लिए एक गंभीर खतरा पैदा करता है। विभाग आगे की कड़ियों को जोड़ने के लिए पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर रहा है।