अलबेली माधुरी शरण महाराज के सान्निध्य में मिजमानी महोत्सव; रसिक माधुरी शरण महाराज की 127वीं जयंती पर विशेष आयोजन
| योगेश शर्मा
जयपुर। अजमेर रोड, क्वींस रोड स्थित नीलकंठ कॉलोनी के श्री सरस निकुंज (पीठ बरसाना) में इन दिनों भक्ति और उत्सव का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। छोटे दादा गुरुदेव शुक सम्प्रदाय पीठाधीश रसिक माधुरी शरण महाराज की 127वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित श्रीराम कथा के सोमवार के सत्र में राम-जानकी विवाह और मिजमानी महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया।
शुक सम्प्रदाय पीठाधीश अलबेली माधुरी शरण महाराज के सान्निध्य में आयोजित इस महोत्सव में बड़ी संख्या में भक्तों ने राम-विवाह के अलौकिक प्रसंगों का आनंद लिया।
जनकपुर प्रवेश और धनुष यज्ञ का जीवंत वर्णन
व्यास पीठ से आचार्य डॉ. राजेश्वर ने अपनी अमृतमयी वाणी में राम-लक्ष्मण का जनकपुर में प्रवेश, सीता जी के साथ फुलवारी दर्शन और ऐतिहासिक धनुष यज्ञ के प्रसंगों का श्रवण कराया। जैसे ही भगवान श्रीराम द्वारा शिव धनुष खंडन और माता जानकी द्वारा वरमाला पहनाने का प्रसंग आया, पूरा पंडाल जयकारों से गूँज उठा। कथा के दौरान ठाकुरजी के चित्रपट पर विशेष रूप से सेवरा और कलंगी शोभित किए गए, जो विवाह के मांगलिक स्वरूप को जीवंत कर रहे थे।
“मिथिला नगरिया निहाल सखियां” से महकी सभा
विवाह के अवसर पर विशेष ‘मिजमानी महोत्सव’ का आयोजन हुआ। मिथिला की परंपरा के अनुरूप सरस पदावलियों का संगीतमय गायन किया गया। महिलाओं और भक्तों ने मनुहार के साथ “आज मिथिला नगरिया निहाल सखियां, चारों दुल्हा में बडक़ा कमाल सखियां…” जैसे पदों का गायन किया। संगीत की धुनों पर भक्त झूम उठे और ऐसा प्रतीत हुआ मानो पूरी नीलकंठ कॉलोनी ही जनकपुर बन गई हो।
तिलक और कंगना बांधकर हुआ वैष्णव स्वागत
विवाह प्रसंग के अनुरूप कथा में पधारे सभी भक्तों और वैष्णव महानुभावों का पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ स्वागत किया गया। सभी आगंतुकों को कंगना राखी बांधी गई और तिलक लगाकर उनका अभिनंदन किया गया। इस दौरान विवाह प्रसंग के भावपूर्ण दर्शनों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कथा का समय एवं सूचना
श्री सरस परिकर के प्रवक्ता प्रवीण बड़े भैया ने जानकारी दी कि रसिक माधुरी शरण महाराज की जयंती महोत्सव के अंतर्गत यह श्रीराम कथा प्रवचन 9 जनवरी तक निरंतर जारी रहेंगे। कथा का समय प्रतिदिन मध्याह्न 1:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक निर्धारित है।

