पूर्वजों की परंपरा को जीवित रख ‘जल सेवा समिति’ ने बुझाई श्रद्धालुओं की प्यास
चाकसू (जयपुर)
| योगेश शर्मा
चाकसू की पावन धरा पर शीतला अष्टमी के अवसर पर आयोजित होने वाले ऐतिहासिक मेले में आस्था और सेवा का अनूठा संगम देखने को मिला। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी स्व. पंडित हनुमान सहाय शर्मा गुर्जर गौड़ ब्राह्मण जल सेवा समिति, चाकसू (घाट गेट वाले) के तत्वावधान में विशाल जल सेवा शिविर का आयोजन किया गया। मेले में चिलचिलाती धूप और गर्मी के बीच हजारों की संख्या में आए श्रद्धालुओं के लिए शीतल जल की व्यवस्था की गई।
चार पीढ़ियों से जारी है सेवा का संकल्प
समिति के महामंत्री राजेंद्र शर्मा ने इस सेवा के गौरवमयी इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह मानवीय पहल दशकों से अनवरत चली आ रही है। इसकी नींव उनके परदादा जय नारायण शर्मा ने चाकसू की धरती पर रखी थी। उन्होंने बताया कि परिवार और समिति इस परंपरा को एक विरासत के रूप में सहेज कर रखे हुए है। पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही इस सेवा का उद्देश्य मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करना है।
समिति के पदाधिकारियों ने संभाली कमान
मेले के दौरान सुबह से ही समिति के सदस्य सक्रिय नजर आए। आयोजन को सफल बनाने के लिए समिति के अध्यक्ष मुन्नालाल शर्मा, सचिव पवन कुमार शर्मा, उपसचिव दिनेश शर्मा और कोषाध्यक्ष नवीन शर्मा स्वयं व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे।
सामूहिक सहयोग से सेवा का कार्य
इस पुनीत कार्य में युवा पीढ़ी ने भी उत्साह के साथ भाग लिया। समिति के सदस्य कुलदीप शर्मा और यश शर्मा सहित कई स्थानीय गणमान्य नागरिकों और मित्रगणों ने स्वेच्छा से अपनी सेवाएं दीं। मेले में आए श्रद्धालुओं ने समिति के इस प्रयास की सराहना की, जहाँ बिना किसी भेदभाव के सभी को शीतल जल उपलब्ध कराया गया।
विशेष: शीतला अष्टमी पर चाकसू में भरने वाला यह मेला न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यहाँ विभिन्न संस्थाओं द्वारा दी जाने वाली ऐसी निस्वार्थ सेवाएं सामाजिक समरसता की मिसाल पेश करती हैं।
