चक्रधर समारोह 2025 : स्थानीय कलाकारों के साथ भेदभाव का आरोप, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
रायगढ़, सितम्बर 2025 गणपत चौहान, ब्यूरो चीफ़ छत्तीसगढ़। टेलीग्राफ टाइम्स।
चक्रधर समारोह 2025 में स्थानीय कलाकारों के साथ भेदभाव और उपेक्षा किए जाने के विरोध में रायगढ़ के पंजीकृत कलाकारों ने सामूहिक रूप से कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। कलाकारों ने आरोप लगाया कि आयोजन समिति ने बाहर से बुलाए गए कलाकारों को पारिश्रमिक, आवास और भोजन की संपूर्ण व्यवस्था उपलब्ध कराई, जबकि स्थानीय कलाकारों को न केवल भुगतान से वंचित रखा गया बल्कि उन्हें केवल शाम 5 से 6 बजे के बीच प्रस्तुति देने की बाध्यता भी थोप दी गई।
शिकायत के प्रमुख बिंदु
- समाचार पत्रों और ब्रोशर में स्थानीय कलाकारों के नाम शामिल नहीं किए गए।
- बाहर से आए कलाकारों को पूरा मान-सम्मान मिला, लेकिन स्थानीय प्रतिभाओं की अनदेखी की गई।
- कई स्थानीय कलाकारों ने इसे रायगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर और उनकी वर्षों की मेहनत का अपमान बताया।
कलाकारों ने कहा कि राज्योत्सव जैसे बड़े आयोजनों में स्थानीय कलाकारों को सम्मानपूर्वक आमंत्रित किया जाता है, लेकिन शहर की पहचान बने चक्रधर समारोह में ही उन्हें हाशिए पर रखना बेहद दुखद है।
कलाकारों का विरोध और मांगें
भेदभाव से आहत होकर कई कलाकारों ने अपना निर्धारित कार्यक्रम रद्द कर दिया। इस दौरान कलाकारों ने यह मांग रखी कि—
- भविष्य के आयोजनों में स्थानीय कलाकारों के साथ समान व्यवहार हो।
- उन्हें भी बाहरी कलाकारों की तरह पारिश्रमिक, आवास और सम्मान मिले।
- समारोह की परंपरा और शहर की सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने में स्थानीय कलाकारों की भूमिका को प्राथमिकता दी जाए।
कलाकारों ने कलेक्टर से आग्रह किया कि इस मामले में उचित हस्तक्षेप कर स्थानीय प्रतिभाओं को उनका हक और सम्मान दिलाया जाए।