चक्रधर समारोह में छाई 9 वर्षीय नन्ही कथक नृत्यांगना जिज्ञासा दुबे: मोबाइल स्क्रीन से साधना कर राष्ट्रीय मंचों तक बनाई पहचान

छाल/रायगढ़/ बुधराम अग्रवाल/छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध सांस्कृतिक महाकुंभ ‘चक्रधर समारोह’ के भव्य मंच पर इस वर्ष रायगढ़ अंचल की एक नन्ही प्रतिभा ने अपने घुंघरुओं की झंकार और सधे हुए पदचापों से कला प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मात्र 9 वर्ष की आयु में राष्ट्रीय पटल पर अपनी अमिट छाप छोड़ने वाली डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल (छाल) की कक्षा चौथी की छात्रा जिज्ञासा दुबे ने चक्रधर समारोह के प्रतिष्ठित मंच पर उत्कृष्ट कथक प्रस्तुति देकर दर्शकों और कला समीक्षकों की भरपूर दाद पाई। जैसे ही उनकी प्रस्तुति समाप्त हुई, पूरा पंडाल देर तक तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा।

​संसाधनों की कमी को लगन से जीता: मोबाइल के जरिए सीखी कठिन विधा

नवापारा (छाल) निवासी विनोद दुबे एवं गीतू दुबे की सुपुत्री जिज्ञासा दुबे ने यह साबित कर दिखाया है कि यदि मन में दृढ़ संकल्प और अटूट लगन हो, तो कोई भी बाधा मार्ग नहीं रोक सकती। ग्रामीण पृष्ठभूमि में शास्त्रीय नृत्य के बड़े संस्थानों के अभाव के बावजूद जिज्ञासा ने हार नहीं मानी। उन्होंने ‘वेस्ट जोन डांस अकादमी, बिलासपुर’ से जुड़कर पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम (मोबाइल स्क्रीन) से कथक की बारीकियों, लय, ताल और भाव-भंगिमाओं की कठिन शिक्षा प्राप्त की। घर पर ही घंटों कड़ा रियाज कर उन्होंने वह संतुलन और परिपक्वता हासिल की, जो आमतौर पर वर्षों के प्रत्यक्ष प्रशिक्षण के बाद देखने को मिलती है।

​छोटी उम्र में राष्ट्रीय उपलब्धियों की लंबी फेहरिस्त

जिज्ञासा ने बीते कुछ वर्षों में देश भर के कई प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और राज्यस्तरीय मंचों पर अपनी असाधारण कला का लोहा मनवाया है:

  • ​प्रणवम् (बिलासपुर): वर्ष 2024, 2025 और 2026 में लगातार तीन वर्षों तक प्रथम स्थान हासिल कर स्वर्णिम हैट्रिक बनाई।
  • ​रंग-तरंग राष्ट्रीय नृत्य प्रतियोगिता (शिमला, 2026): देश के विभिन्न राज्यों के प्रतिभागियों को पीछे छोड़ते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया।
  • ​नाद मंजरी राष्ट्रीय परफॉर्मिंग आर्ट्स प्रतियोगिता: वर्ष 2024 व 2025 में प्रथम तथा वर्ष 2026 में द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
  • ​प्रतिष्ठित सांस्कृतिक मंचों पर सराहना: ओडिशा के भुवनेश्वर में आयोजित ‘नीलांचल नृत्य उत्सव’ में ‘बेस्ट परफॉर्मेंस’ का पुरस्कार जीता। इसके अलावा काशी युवा संगीत महोत्सव (वाराणसी), जाज्वल्य देव लोक महोत्सव (जांजगीर), सरस मेला (रायगढ़), रंग-तरंग (भिलाई) और कलावंत (रायपुर) जैसे आयोजनों में अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से खूब वाहवाही बटोरी।

​गृह जिले के लिए गौरव का पल, युवाओं में नई प्रेरणा

महाराजा चक्रधर सिंह की ऐतिहासिक संगीत और नृत्य नगरी रायगढ़ में आयोजित होने वाले समारोह में देश-विदेश के दिग्गज फनकार शिरकत करते हैं। ऐसे गरिमामय मंच पर जिले की ही नन्हीं बेटी की सफल प्रस्तुति पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय बन गई है। विद्यालय परिवार, गुरुजनों और क्षेत्रवासियों ने जिज्ञासा की इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। जिज्ञासा की यह सफलता अंचल के अन्य बच्चों और युवाओं में शास्त्रीय कला और भारतीय संस्कृति के प्रति एक नई प्रेरणा का संचार कर रही है।

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