घरघोड़ा में नाबालिग चालकों की रफ्तार बनी खतरा
स्कूली छात्र असुरक्षित – हादसे के बाद भी प्रशासन मौन, लोगों में रोष
घरघोड़ा, 13 सितम्बर। गणपत चौहान, ब्यूरो चीफ़ छत्तीसगढ़। टेलीग्राफ टाइम्स।
कस्बे में नाबालिग चालकों की लापरवाही और तेज रफ्तार इन दिनों आमजन की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। हाल ही में घटी एक दर्दनाक घटना ने प्रशासन की निष्क्रियता और स्थानीय व्यवस्था की पोल खोल दी है।

8 वर्षीय बालक घायल, हालत स्थिर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घरघोड़ा क्षेत्र में शनिवार को एक 8 वर्षीय मासूम बालक सड़क पार कर रहा था, तभी एक नाबालिग युवक तेज रफ्तार बाइक से आया और उसे जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में बच्चे के सिर और पैर में गंभीर चोटें आईं। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उसे नजदीकी अस्पताल पहुँचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई है।
नाबालिग हाथों में बाइक – सड़क पर ‘खौफ’
नगर की गलियों और मुख्य मार्गों पर आए दिन स्कूली ड्रेस पहने नाबालिग छात्र बाइक और स्कूटी दौड़ाते नजर आते हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ये बच्चे 13 से 16 वर्ष की उम्र में 100 से 120 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से वाहन चला रहे हैं। यह न केवल उनकी जान के लिए खतरनाक है, बल्कि राहगीरों, छोटे बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा बन चुका है।
पुलिस और प्रशासन पर सवाल
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बार-बार शिकायतों और हादसों के बाद भी पुलिस और प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। नगरवासियों ने आरोप लगाया कि ट्रैफिक नियमों की खुलेआम धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं। लोगों ने रोष जताया कि स्कूल टाइम पर घरघोड़ा की सड़कें इन नाबालिग चालकों की रेसिंग ट्रैक जैसी दिखती हैं।
जनता की मांग – तुरंत बनें स्पीड ब्रेकर
नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि नगर के सभी प्रमुख स्कूलों के सामने तत्काल स्पीड ब्रेकर बनाए जाएं और ट्रैफिक पुलिस की गश्त बढ़ाई जाए। साथ ही, उन अभिभावकों पर सख्त कार्रवाई की जाए जो नाबालिग बच्चों को बाइक या स्कूटी सौंप रहे हैं। लोगों का कहना है कि यह न केवल गैरकानूनी है बल्कि दूसरों की जान को भी खतरे में डालने जैसा है।
“कार्रवाई नहीं हुई तो हालात बिगड़ेंगे”
नगरवासियों का कहना है कि यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। लोग पहले ही भयभीत हैं और बच्चों का स्कूल आना-जाना तथा राहगीरों का सुरक्षित आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है। स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन जल्द कार्रवाई नहीं करता तो वे सामूहिक आंदोलन करने को विवश होंगे।