ग्लोबल विलेज की ओर बढ़ते कदम: ‘गांव का सामान बिकेगा विदेश में’, भारतीय उद्योग व्यापार मण्डल ने पारित किए अहम प्रस्ताव
| योगेश शर्मा
जयपुर। राजधानी के होटल ओम टॉवर में आयोजित भारतीय उद्योग व्यापार मण्डल की दो दिवसीय नेशनल कॉन्फ्रेन्स का समापन रविवार को ऐतिहासिक प्रस्तावों के साथ हुआ। राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबूलाल गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित इस सत्र में देश के सभी 28 प्रांतों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन का मुख्य केंद्र ‘लोकल फॉर ग्लोबल’ रहा, जिसके तहत व्यापार को गांव की गलियों से निकालकर सात समंदर पार ले जाने की कार्ययोजना पर सर्वसम्मति बनी।
गांव से विदेश तक: स्थानीय हुनर को मिलेगी वैश्विक पहचान
कॉन्फ्रेन्स में करीब 10 सदस्यों ने पुरजोर तरीके से प्रस्ताव रखा कि गांव में पैदा होने वाली वस्तुएं और वहां के कारीगरों द्वारा बनाया गया सामान विदेशों में बिकना चाहिए।
- उदाहरण: गांव के कारपेंटर द्वारा बनाया गया फर्नीचर अमेरिका जैसे देशों में बिके, इसके लिए सरकार को आवश्यक सुविधाएं और निर्यात प्रोत्साहन मुहैया कराना चाहिए।
- मंथन: स्थानीय उत्पाद, स्थानीय व्यापार और स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रस्ताव को सभी सदस्यों ने एकमत होकर पारित किया।
ऑनलाइन व्यापार की चुनौती और सुरक्षा की मांग
तेजी से बढ़ते ऑनलाइन व्यापार के दौर में पारंपरिक बाजारों को बचाने के लिए ठोस कानून बनाने की मांग उठी। सदस्यों ने कहा कि बाजारों में बैठे व्यापारियों के हितों को सुरक्षित रखने के लिए सरकार को कड़े कदम उठाने चाहिए। लघु एवं मध्यम (MSME) व्यापारियों को देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए उन्हें मजबूत करने के लिए प्रदेश सरकारों से आगे आने का आह्वान किया गया।
कर प्रणाली और मंडी टैक्स में सुधार की मांग
व्यापारियों ने ‘वन नेशन, वन टैक्स’ की तर्ज पर मंडी टैक्स में भी एकरूपता की मांग की:
- जीएसटी सरलीकरण: जीएसटी की भाषा को सरल बनाने का प्रस्ताव पारित किया गया ताकि आम व्यापारी इसे आसानी से समझ सके।
- एक समान मंडी टैक्स: देश भर में कृषि मंडी सेस की दर एक समान निर्धारित करने और इस पर लगने वाले सरचार्ज, कृषि कल्याण फीस व यूजर चार्ज को समाप्त करने का प्रस्ताव लाया गया।
खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य पर जोर
- FSSAI मानक: बदलते पर्यावरण और मिट्टी की गुणवत्ता को देखते हुए एफएसएसएआई (FSSAI) के मानकों में सुधार की मांग की गई।
- पेस्टीसाइड्स: कृषि जिंसों पर पेस्टीसाइड्स का उपयोग केवल निर्धारित मात्रा और प्रस्तावित मानकों के अनुसार ही करने पर मंथन हुआ।
संगठन की मजबूती और सफल आयोजन
राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबूलाल गुप्ता ने राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ के प्रबंधन की सराहना करते हुए कहा कि इस आयोजन ने नए आयाम स्थापित किए हैं। उन्होंने विश्वास दिलाया कि कॉन्फ्रेन्स में पारित सभी प्रस्तावों को जल्द ही केंद्र सरकार के समक्ष रखा जाएगा और उनकी क्रियान्विति के लिए निरंतर बैठकें की जाएंगी।
कॉन्फ्रेन्स के मुख्य बिंदु:
- गांव के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ना।
- ऑनलाइन व्यापार के मुकाबले स्थानीय दुकानदारों को कानूनी सुरक्षा।
- जीएसटी और मंडी टैक्स का सरलीकरण।
- जिला और तहसील स्तर पर व्यापारिक संगठनों को मजबूत करना।