ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट-2026

ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट-2026: आधुनिक तकनीक से स्मार्ट बनेंगे राजस्थान के किसान, मुख्य सचिव ने की तैयारियों की समीक्षा

जयपुर | 07 जनवरी, 2026

| नरेश गुनानी

​राजस्थान सरकार प्रदेश के किसानों को वैश्विक स्तर की नवीन तकनीकों से जोड़ने और उनकी आय में वृद्धि करने के लिए ‘ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट-2026’ (GRAM) का भव्य आयोजन करने जा रही है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने बुधवार को शासन सचिवालय में इस आयोजन की पूर्व तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने जोर दिया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य किसानों को स्मार्ट फार्मिंग के प्रति जागरूक कर उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाना है।

फ़ोटो टेलीग्राफ टाइम्स

​स्मार्ट फार्मिंग और नवाचार पर जोर

​मुख्य सचिव ने बैठक में कहा कि राज्य सरकार किसानों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। ‘ग्राम-2026’ के माध्यम से प्रदेश के काश्तकार विश्व स्तरीय कृषि तकनीकों और नवाचारों से सीधे रूबरू होंगे। उन्होंने कृषि, उद्यानिकी, डेयरी, पशुपालन और मत्स्य पालन सहित सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए।

​डिजिटल पंजीकरण और व्यापक भागीदारी

​आयोजन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि:

  • ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन: प्रगतिशील किसानों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू की जाए।
  • विभागीय समन्वय: राजस्व, उद्योग, पर्यटन और सहकारिता विभाग मिलकर इस आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करें।

​’ग्राम-2026′ की मुख्य झलकियां

​प्रमुख शासन सचिव (कृषि एवं उद्यानिकी) मंजू राजपाल ने प्रजेंटेशन के माध्यम से कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। इस मेगा इवेंट की प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार होंगी:

विशेषता

विवरण

किसान भागीदारी

पूरे प्रदेश से 50,000 से अधिक प्रगतिशील किसान।

अंतर्राष्ट्रीय उपस्थिति

32 से अधिक देशों के प्रतिनिधि मंडल और विशेषज्ञ।

प्रदर्शनी

250 से अधिक कंपनियां और प्रदर्शक अपनी तकनीकों का प्रदर्शन करेंगे।

गतिविधियां

कृषक-वैज्ञानिक संवाद, सेमिनार, कॉन्फ्रेंस और क्रेता-विक्रेता (B2B) बैठकें।

प्रचार-प्रसार

राजस्थान की कृषि क्षमताओं को दिखाने के लिए देश-विदेश में रोड शो का आयोजन।

नवाचारों से बढ़ेगी उत्पादकता

​इस आयोजन का मूल उद्देश्य विश्व स्तर पर उपलब्ध आधुनिक कृषि यंत्रों, ड्रिप इरिगेशन, जैविक खेती और जलवायु-अनुकूल कृषि पद्धतियों को राजस्थान के खेतों तक पहुंचाना है। इससे न केवल किसानों की लागत कम होगी, बल्कि उनकी उत्पादकता में भी रिकॉर्ड वृद्धि होगी।

​बैठक में जल संसाधन, ग्रामीण विकास, ऊर्जा, वित्त, सूचना प्रौद्योगिकी और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। सभी विभागों को लक्ष्य दिया गया है कि वे राजस्थान को कृषि तकनीक के क्षेत्र में एक मॉडल राज्य के रूप में प्रस्तुत करें।

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