ग्राम नीमोद में जीएसटी बचत उत्सव और पोषण-सशक्तिकरण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
सवाई माधोपुर, 12 अक्टूबर 2025
गौरव कोचर • वरिष्ट संपादक
भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के केंद्रीय संचार ब्यूरो, क्षेत्रीय कार्यालय सवाई माधोपुर द्वारा ग्राम नीमोद में जीएसटी बचत उत्सव और पोषण माह के अवसर पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण समुदाय को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, कर सुधारों, और स्वास्थ्य एवं पोषण से संबंधित विषयों के प्रति जागरूक बनाना था।
कार्यक्रम की शुरुआत केंद्रीय संचार ब्यूरो के प्रभारी अधिकारी नेमीचंद मीणा ने की। उन्होंने बताया कि सरकार ने हाल ही में जीएसटी के 12% और 28% टैक्स स्लैब को समाप्त कर, दवाइयों और स्टेशनरी पर से जीएसटी पूरी तरह हटा दिया है, जो जनहित में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने केंद्र सरकार की अन्य कल्याणकारी योजनाओं और विभागीय गतिविधियों की भी जानकारी दी।
ग्राम पंचायत नीमोद की सरपंच गुलबाई देवी मीणा ने कहा कि ऐसे आयोजन ग्रामीण जनता के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। उन्होंने कहा कि जब ग्रामीण नागरिक सरकारी योजनाओं की जानकारी से परिचित होते हैं, तो उनका कोई शोषण नहीं कर पाता और वे योजनाओं का पूरा लाभ उठा सकते हैं।
आयुष विभाग नीमोद के चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजय शंकर गौतम ने युवाओं को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व और मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में बताया। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना, जननी शिशु सुरक्षा योजना, उजाला क्लिनिक, और लाड़ो प्रोत्साहन योजना जैसी राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी दी।
महिला एवं बाल विकास विभाग की सुमित्रा शर्मा ने उचित पोषण, स्वच्छता और उम्रानुसार संतुलित भोजन के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने बच्चों, किशोरों और महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण आहार अपनाने की सलाह दी।
कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता प्रहलाद मीणा, भैरू शंकर व्यास और धारा सिंह मीणा ने भी अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम के दौरान जागरूकता रैली, संगोष्ठी, प्रदर्शनी, और पौष्टिक आहार प्रतियोगिता जैसी गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों और आमजन को जीएसटी बचत उत्सव और पोषण माह से जुड़ी जानकारियां दी गईं।
गीत एवं नाटक प्रभाग से पंजीकृत चारभुजा कला मंडल, नागौर के कलाकारों ने सरकारी योजनाओं पर आधारित लोकगीतों और नाट्य प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को जीवंत बना दिया।
अंत में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए गए और उपस्थित नागरिकों, विशेष रूप से स्कूली विद्यार्थियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और महिलाओं को स्वच्छता की शपथ दिलाई गई।
यह कार्यक्रम न केवल जन-जागरूकता का माध्यम बना बल्कि ग्रामीण समुदाय में स्वास्थ्य, स्वच्छता, पोषण और आर्थिक सशक्तिकरण के प्रति सकारात्मक संदेश भी लेकर आया।