जयपुर/बस्सी, 24 जून/सुनील शर्मा/ राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित किए जा रहे ‘ग्रामीण सेवा शिविर-2026’ आमजन की वर्षों पुरानी और जटिल समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी एवं मौके पर ही समाधान का सबसे प्रभावी माध्यम साबित हो रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से दशकों से सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिल रही है। इसी कड़ी में तहसील बस्सी की ग्राम पंचायत पडासोली में आयोजित शिविर एक खातेदार के जीवन में नई उम्मीद और बड़ी राहत लेकर आया।
20 साल से सरकारी दस्तावेजों में गलत था नाम
ग्राम पडासोली के रहने वाले 55 वर्षीय खातेदार गिरिराज प्रसाद गुर्जर (पुत्र भगवान सहाय गुर्जर) पिछले लगभग दो दशकों से एक ऐसी समस्या से जूझ रहे थे, जिसका समाधान सामान्य प्रक्रिया में बेहद जटिल बना हुआ था। दरअसल, उनकी जमीन की जमाबंदी (राजस्व अभिलेखों) में पिछले 20 वर्षों से उनके नाम में त्रुटि दर्ज थी।
नाम गलत अंकित होने के कारण उन्हें विभिन्न प्रकार के राजस्व, कृषि लोन, और अन्य प्रशासनिक कार्यों में लगातार गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। अपनी पैतृक जमीन होने के बावजूद वे केवल एक लिपिकीय गलती (Typographical Error) के कारण परेशान थे। जब उन्हें पडासोली में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर की जानकारी मिली, तो वे अपनी आस लेकर वहां पहुंचे।
शिविर में ‘ऑन द स्पॉट’ हुआ एक्शन
शिविर में जैसे ही गिरिराज प्रसाद गुर्जर ने अपनी समस्या राजस्व अधिकारियों के समक्ष रखी, प्रशासन तुरंत हरकत में आया। मुख्यमंत्री की मंशानुरूप ‘सुशासन और त्वरित समाधान’ की नीति पर चलते हुए अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया।
- तत्काल परीक्षण: राजस्व अधिकारियों की टीम ने मौके पर ही संबंधित प्रकरण का गहनता से परीक्षण किया।
- दस्तावेजों का सत्यापन: पीड़ित द्वारा प्रस्तुत किए गए आवश्यक अभिलेखों और तथ्यों का मौके पर ही मिलान व सत्यापन किया गया।
- तुरंत शुद्धिकरण: सभी तथ्य सही पाए जाने पर अधिकारियों ने डिजिटल व राजस्व रिकॉर्ड में नाम शुद्धिकरण की कार्रवाई तत्काल संपादित कर दी।
इसके साथ ही पिछले लगभग 20 वर्षों से लंबित पड़ा यह गंभीर प्रकरण महज कुछ ही समय में सफलतापूर्वक निस्तारित कर दिया गया।
“सालों की परेशानी चुटकियों में खत्म हो गई”
जमाबंदी में नाम ठीक होने के बाद भावुक हुए गिरिराज प्रसाद गुर्जर ने राज्य सरकार और शिविर में तैनात अधिकारियों का दिल से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “जिस समस्या के लिए मैं सालों से परेशान था, उसका समाधान इस शिविर में इतनी आसानी से हो जाएगा, मैंने सोचा नहीं था। यह शिविर हम जैसे ग्रामीणों के लिए वरदान हैं।”
प्रशासन और आमजन के बीच बढ़ रहा है विश्वास
राजस्व अभिलेखों की शुद्धता सुनिश्चित होने से न केवल गिरिराज प्रसाद को राहत मिली है, बल्कि इस त्वरित कार्रवाई ने ग्रामीणों के बीच सरकार के प्रति विश्वास को और मजबूत किया है।
ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित हो रहे ये सेवा शिविर न केवल सुशासन की नींव को मजबूत कर रहे हैं, बल्कि यह भी साबित कर रहे हैं कि यदि इच्छाशक्ति हो तो प्रशासन और आमजन के बीच की दूरी को समाप्त कर समयबद्ध तरीके से राहत पहुंचाई जा सकती है। बस्सी के इस मामले ने एक बार फिर शिविरों की सार्थकता पर मुहर लगा दी है।