सुनील शर्मा
जयपुर, 24 जून। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की जन कल्याणकारी सोच के अनुरूप राजस्थान सरकार की फ्लैगशिप और अन्य योजनाओं का सीधा लाभ आम जनता तक पहुंचाने के लिए राज्य में बड़ी मुहिम चलाई जा रही है। 12 जून से शुरू हुए ‘ग्रामीण सेवा शिविरों’ ने मात्र 10 दिनों के भीतर लाखों ग्रामीणों को बड़ी राहत पहुंचाई है। विभिन्न सरकारी विभागों के जरिए गांव-ढाणी स्तर पर समस्याओं का मौके पर ही निपटारा किया जा रहा है, जिससे आम जन के जीवन में खुशियां लौट रही हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 22 जून तक राज्य भर में कुल 2,905 स्थानों पर इन शिविरों का सफल आयोजन किया जा चुका है।
शिविरों में अलग-अलग विभागों द्वारा किए गए जनहित के कार्यों और निस्तारित मामलों का पूरा ब्योरा इस प्रकार है:
राजस्व और पंचायती राज: जमीन और आवास की समस्याओं का हल
ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन और पट्टों से जुड़े मामलों को प्राथमिकता दी गई है:
- राजस्व विभाग: नामांतरण (म्यूटेशन) के 43,345, सीमाज्ञान और पत्थरगड़ी के 11,241, आपसी सहमति से बंटवारे के 6,032 तथा राजस्व रिकॉर्ड शुद्धिकरण के 46,828 मामलों का निस्तारण किया गया। इसके अलावा 83,533 जाति/मूल निवास प्रमाणपत्र जारी किए गए। रास्ते के 3,937 और अतिक्रमण हटाने के 1,555 प्रकरण सुलझाए गए।
- ग्रामीण विकास विभाग: प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पहली किस्त के 8,453, दूसरी किस्त के 15,026 और तीसरी किस्त जारी करने के 13,106 मामलों का निपटारा हुआ। साथ ही 40,044 कार्य प्रस्ताव प्राप्त हुए और 9,171 नए स्वयं सहायता समूहों (SHG) का गठन किया गया।
- पंचायती राज विभाग: ग्रामीणों को बड़ी राहत देते हुए 27,733 नए पट्टे जारी किए गए। इसके साथ ही व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के लिए 18,724 और सोख्ता गड्ढों व मैजिक पिट के निर्माण के लिए 36,340 स्वीकृतियां जारी की गईं।
स्वास्थ्य और पशुपालन: इंसानों से लेकर बेजुबानों तक का उपचार
स्वास्थ्य सेवाओं को सीधे ग्रामीणों के दरवाजे तक पहुंचाया गया:
- चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग: शिविरों में 6,16,961 लोगों का इलाज किया गया। 25,057 गर्भवती महिलाओं की जांच, 1,18,782 महिलाओं की कैंसर स्क्रीनिंग, 18,871 बच्चों का टीकाकरण और 2,80,757 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग की गई।
- आयुर्वेद विभाग: आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के माध्यम से 1,76,175 मरीजों को परामर्श दिया गया और 1,02,108 रोगियों को दवाइयां बांटी गईं।
- पशुपालन विभाग: बेजुबान पशुओं के स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए 2,72,315 छोटे और 1,89,188 बड़े पशुओं का इलाज किया गया। इसके अलावा 7,78,646 पशुओं का टीकाकरण, 7,10,005 पशुओं को कृमिनाशक दवा और 86,508 पशुओं का बीमा किया गया।
बुनियादी सुविधाएं: बिजली, पानी और बुनियादी ढांचा
ग्रामीणों की रोजमर्रा की जरूरतों जैसे बिजली-पानी की दिक्कतों को तुरंत दूर किया गया:
- ऊर्जा विभाग: बिजली सप्लाई में रुकावट से जुड़े 19,195, खराब मीटरों के 6,082, ट्रांसफार्मर से संबंधित 2,000, ढीले तार-खंभों के 15,776 और लोड से जुड़े 4,780 मामलों का समाधान किया गया।
- जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED): पानी की समस्या दूर करने के लिए हैंडपंप मरम्मत के 6,212, पाइपलाइन लीकेज के 7,423, पानी की गुणवत्ता जांच के 10,914 और पेयजल से जुड़ी अन्य शिकायतों के 9,004 मामलों का निस्तारण हुआ।
- सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD): सरकारी भवनों की मरम्मत के 211, सड़कों की मरम्मत के 1,275 और विभागीय जमीनों के राजस्व रिकॉर्ड में नामांतरण के 513 मामलों को निपटाया गया।
- जल संसाधन विभाग: बांध, नहर और तालाबों की मरम्मत, जल निकासी व अतिक्रमण हटाने के सैकड़ों प्रस्ताव तैयार करने के साथ-साथ जल संरक्षण के लिए 498 कार्ययोजनाएं बनाई गईं।
सामाजिक सुरक्षा, वित्तीय समावेशन और राशन
कमजोर वर्गों को संबल देने और उन्हें आर्थिक रूप से सुरक्षित करने के लिए विभागों ने सक्रियता दिखाई:
- सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग: सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत 17,776 पेंशनरों का सालाना वेरिफिकेशन (सत्यापन) किया गया, 2,637 नए आवेदन मंजूर किए गए और 1,463 अपात्र लोगों के नाम हटाए गए। पालनहार योजना में 8,477 सत्यापन और 3,639 नए आवेदन प्राप्त हुए।
- आयोजना विभाग: वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देते हुए पीएम जनधन योजना में 7,064, पीएम जीवन ज्योति बीमा योजना में 6,736, पीएम सुरक्षा बीमा योजना में 9,585 और अटल पेंशन योजना में 2,739 नए खाते खोले गए। साथ ही जन आधार योजना में 38,844 सुधार (संशोधन) किए गए।
- खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग: राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) से जुड़े 7,969 लंबित आवेदनों का निपटारा हुआ, 25,945 नए पात्र सदस्यों के नाम राशन कार्ड में जोड़े गए और 22,968 लोगों की ई-केवाईसी पूरी की गई।
किसान कल्याण और पर्यावरण संरक्षण
- कृषि विभाग: विभाग की विभिन्न योजनाओं से 7,32,114 किसानों को सीधे लाभान्वित किया गया और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 34,649 किसानों को बीमा पॉलिसियों का वितरण किया गया।
- सहकारिता विभाग: पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 34,935 लाभार्थियों का फिजिकल वेरिफिकेशन किया गया और 3,14,183 किसानों को शॉर्ट-टर्म (अल्पकालीन) फसली ऋण की जरूरी जानकारियां दी गईं।
- वन विभाग: राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज होने योग्य भूमि से संबंधित 41,220 मामलों का निपटारा किया गया। वन भूमि से अतिक्रमण के 608 मामले सुलझाए गए और पर्यावरण को बढ़ावा देने के लिए शिविरों में 3,52,399 पौधों का मुफ्त वितरण किया गया।
शिक्षा, श्रम, परिवहन और अन्य सुरक्षा सेवाएं
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- शिक्षा विभाग: छात्रवृत्ति (स्कॉलरशिप) से जुड़े 11,965 मामलों का त्वरित निस्तारण किया गया। साथ ही आगामी सत्र 2026-27 के लिए सरकारी स्कूलों में 3,41,848 छात्र-छात्राओं का नया नामांकन पक्का किया गया।
- महिला एवं बाल विकास विभाग: महिलाओं और बच्चों से जुड़े विभागों को मिली 3,096 शिकायतों का निपटारा किया गया और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के प्रति 36,40,780 लोगों को जागरूक किया गया।
- श्रम विभाग: विभिन्न योजनाओं के प्रति 89,656 श्रमिकों को जागरूक किया गया और टूलकिट सहायता योजना के अंतर्गत 1,326 आवेदनों को मंजूरी दी गई।
- परिवहन विभाग: दिव्यांगजनों (विशेष योग्यजनों) को 1,411 और अन्य पात्र नागरिकों को यात्रा के लिए 5,953 पास जारी किए गए।
- सैनिक कल्याण विभाग: पूर्व सैनिकों और सैन्य विधवाओं के 61 नए पहचान पत्र बनाए गए और पेंशन से जुड़े 244 मामलों का निपटारा किया गया।
- आपदा प्रबंधन एवं सहायता विभाग: अप्रत्याशित आपदाओं में राहत देते हुए जनहानि, पशु हानि और मकान टूटने से जुड़े मामलों में त्वरित सहायता दी गई। इसके तहत मृतक सहायता के 6, घायल सहायता के 5 और कच्चे मकानों के नुकसान से जुड़े 87 मामलों में राहत पहुंचाई गई।
इन ग्रामीण सेवा शिविरों ने यह साबित कर दिया है कि जब प्रशासन खुद जनता के द्वार पहुंचता है, तो बरसों से लंबित पड़े काम भी दिनों में पूरे हो जाते हैं। मुख्यमंत्री के इस विजन से ग्रामीण राजस्थान के विकास को एक नई गति मिल रही है।