उदयपुर | 12 जून 2026 | नरेश गुनानी
मुख्य बिंदु:
- उदयपुर जिले में ‘ग्रामीण सेवा शिविर-2026’ अभियान के पहले ही दिन बड़ी संख्या में ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर हुआ समाधान।
- मावली के लदानी निवासी किसान शंकरलाल को कृषि यंत्र खरीदने के लिए मिला 1.25 लाख रुपये का अनुदान।
- चांदवास में तकनीकी बाधा के कारण महीनों से बंद तीन महिलाओं की पेंशन ओटीपी (OTP) के माध्यम से हाथों-हाथ हुई बहाल।
- चीरवा में राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्त कर नक्शा शुद्धिकरण की गलती को सुधारा गया।
जरूरतमंद किसान को मिला 1.25 लाख का कृषि यंत्र अनुदान, चेहरे पर लौटी मुस्कान
उदयपुर जिले के मावली में आयोजित शिविर एक जरूरतमंद किसान शंकरलाल (निवासी: लदानी) के लिए बड़ी राहत लेकर आया। शंकरलाल को कृषि यंत्र खरीदने के लिए अनुदान स्वीकृत कर आर्थिक संबल प्रदान किया गया।
शंकरलाल ने बताया कि कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण वे खेती के लिए जरूरी कृषि यंत्र नहीं खरीद पा रहे थे। शिविर में मौजूद कृषि विभाग के सहायक कृषि अधिकारी परसराम जाट ने उन्हें राज्य सरकार की कृषि यंत्र योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा मल्टीक्रॉप थ्रेशर सहित विभिन्न आधुनिक कृषि यंत्रों पर भारी अनुदान दिया जा रहा है।
अधिकारियों ने संवेदनशीलता दिखाते हुए शिविर में ही शंकरलाल का आवेदन तैयार करवाया और उसे हाथों-हाथ मंजूरी दिलाई। इसके बाद एडीएम सिटी जितेंद्र ओझा और उपखण्ड अधिकारी रमेश सिरवी पुनाड़िया की उपस्थिति में किसान को 1 लाख 25 हजार रुपये के अनुदान का चेक सौंपा गया। सहायता मिलने पर शंकरलाल ने खुशी जताते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
बायोमीट्रिक फेल होने से अटकी पेंशन मिनटों में हुई बहाल
ग्राम पंचायत चांदवास में आयोजित शिविर चांदवास निवासी तीन बुजुर्ग महिलाओं— हरकू, राजूड़ी और सवली के लिए जीवन में नई उम्मीद लेकर आया। बायोमीट्रिक (अंगूठे के निशान) और फेस ऐप (चेहरा पहचानने वाली तकनीक) के जरिए बार-बार प्रयास करने के बाद भी इनका वेरिफिकेशन नहीं हो पा रहा था। इस तकनीकी समस्या के कारण पिछले कई महीनों से उनकी सामाजिक सुरक्षा पेंशन बंद पड़ी थी।
त्वरित समाधान: शिविर में जैसे ही यह मामला सामने आया, बीडीओ (विकास अधिकारी) ने तुरंत एक्शन लिया। तकनीकी बाधा को दरकिनार करते हुए ओटीपी (OTP) आधारित सत्यापन प्रक्रिया को अपनाया गया। कुछ ही मिनटों में तीनों महिलाओं का वेरिफिकेशन सफल हो गया और उनकी रुकी हुई पेंशन फिर से शुरू कर दी गई।
इसी शिविर में चांदवास की ही तीन अन्य महिलाओं— रामा, वारकी और केशरी को नए पेंशन भुगतान आदेश (PPO) भी सौंपे गए। इसके अलावा, स्थानीय निवासी उदयलाल की आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करवाकर उन्हें मौके पर ही विवाह पंजीयन प्रमाण-पत्र (मैरिज सर्टिफिकेट) प्रदान किया गया।
चीरवा में नक्शे की गलती सुधरी, राजस्व रिकॉर्ड हुआ दुरुस्त
प्रशासनिक मुस्तैदी का एक और उदाहरण ग्राम पंचायत चीरवा में देखने को मिला। यहाँ आयोजित शिविर में चीरवा निवासी खातेदार राजेश (पुत्र स्वर्गीय नारायणलाल मेनारिया) ने अपने जमीन के नक्शे में सुधार (नक्शा शुद्धिकरण) के लिए आवेदन किया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उपखण्ड अधिकारी मनसुख डामोर और नायब तहसीलदार रमेश कुमार राजपुरोहित ने तुरंत राजस्व अभिलेखों की जांच करवाई। मौके पर ही इंद्राज दुरुस्ती (रिकॉर्ड सुधार) के आदेश देकर राजेश के बरसों पुराने मामले का निस्तारण कर उन्हें बड़ी राहत पहुंचाई गई।
संवेदनशील प्रशासन: गांव में ही एक छत के नीचे मिल रहा समाधान
ग्रामीण सेवा शिविर अभियान यह साबित कर रहा है कि अगर प्रशासन संवेदनशील हो और त्वरित निर्णय लिए जाएं, तो आमजन की जटिल से जटिल समस्याओं का समाधान उनके अपने गांव में ही मुमकिन है।
एक ही छत के नीचे पेंशन बहाली, पीपीओ वितरण, विवाह पंजीयन और राजस्व सुधार जैसे काम होते देख ग्रामीणों में भारी उत्साह का माहौल है। लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के इस विजन की सराहना करते हुए कहा कि सरकार खुद चलकर ग्रामीणों के द्वार तक आ रही है, जो ग्रामीण विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।