ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक: डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने दिए निर्देश, पात्र व्यक्तियों तक समय पर पहुँचे सरकारी योजनाओं का लाभ
जयपुर | 27 जनवरी, 2026
| नरेश गुनानी
राजस्थान के ग्रामीण विकास मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा की अध्यक्षता में मंगलवार को शासन सचिवालय में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य और केंद्र सरकार द्वारा संचालित विभिन्न ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रगति का बारीकी से विश्लेषण किया गया। डॉ. मीणा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि विभागीय अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुँचे।
लखपति दीदी योजना: महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल
डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने बताया कि महिलाओं को स्वरोजगार के माध्यम से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने वाली लखपति दीदी योजना में प्रदेश ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।
- प्रदेश में अब तक 15 लाख 95 हजार महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।
- लगभग 19 लाख 90 हजार संभावित लाभार्थियों को प्रारंभिक प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
- मुख्यमंत्री लखपति दीदी ऋण योजना के तहत 1 लाख दीदियों को महज 1.5% ब्याज दर पर 270 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया जा चुका है।
राजीविका और स्वयं सहायता समूहों की प्रगति
ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता और रोजगार सृजन के लिए ‘राजीविका’ (RGAVP) के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों को मजबूत किया जा रहा है।
- ऋण वितरण: राजस्थान महिला निधि के माध्यम से 49,448 समूहों के 1.60 लाख सदस्यों को 770.49 करोड़ रुपये का ऋण दिया गया है।
- विपणन सफलता: ‘दीपावली सुमंगल मेला 2025’ में 1.37 करोड़ रुपये और ‘राष्ट्रीय राज सखी मेला 2025’ में 8.55 करोड़ रुपये के उत्पादों की बिक्री हुई।
- नवाचार: वन विभाग के सहयोग से स्मृति वन में राजीविका कियोस्क की स्थापना की जा रही है।
बुनियादी ढांचा और क्षेत्रीय विकास
बैठक में पीएम आवास योजना (ग्रामीण), मगरा क्षेत्रीय विकास योजना और विशेष क्षेत्र विकास कार्यक्रमों पर भी चर्चा हुई।
- पीएम आवास: लक्षित लाभार्थियों के लिए पक्के मकानों का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।
- क्षेत्रीय विकास: मगरा और अन्य पिछड़े क्षेत्रों में सड़क, जल संरक्षण, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता दी जा रही है।
- सांसद आदर्श ग्राम योजना: गांवों को मॉडल विलेज के रूप में विकसित करने की प्रगति की समीक्षा की गई।
पारदर्शिता और भविष्य के लक्ष्य
ग्रामीण विकास मंत्री ने अधिकारियों को कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता बरतने और आगामी वित्तीय वर्ष के लिए महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि “विकसित राजस्थान” के संकल्प को पूरा करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार और रोजगार के अवसर पैदा करना अनिवार्य है।
बैठक में उपस्थित उच्चाधिकारी
समीक्षा बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रेया गुहा, प्रोजेक्ट डायरेक्टर (राजीविका) नेहा गिरि, आयुक्त (मनरेगा) पुष्पा सत्यानी, अतिरिक्त आयुक्त जुगल किशोर मीणा सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

