जयपुर, 5 अगस्त 2026/ राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने लोकभवन में ग्रामीण विकास विभाग से जुड़े कार्यों एवं योजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक के दौरान उन्होंने प्रदेश के गांवों के प्रभावी और समग्र विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य करने का आह्वान किया। राज्यपाल ने राज्य में संचालित प्रधानमंत्री आवास योजना, लखपति दीदी और वीबी-जीरामजी जैसी प्रमुख योजनाओं के तहत हुए कार्यों के प्रस्तुतीकरण को देखा और हासिल की गई उपलब्धियों की विशेष सराहना की।
प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा
बैठक में राज्यपाल ने लखपति दीदी योजना, हर घर नल योजना तथा प्रदेश के सभी गांवों में शत-प्रतिशत शौचालय निर्माण के अंतर्गत हुए कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने जीरामजी योजना के तहत ग्रामीणों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और इसकी प्रक्रिया की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
कौशल विकास और हस्तकला को बढ़ावा
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए राज्यपाल ने गांवों में हस्तकलाओं एवं कौशल विकास से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रमों की समुचित व्यवस्था किए जाने के निर्देश दिए, जिससे ग्रामीण युवा और महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकें।
पौधारोपण और संरक्षण: पिपलांत्री मॉडल अपनाने का आह्वान
मानसून सत्र के दौरान पर्यावरण संरक्षण पर बल देते हुए हरिभाऊ बागडे ने अधिक से अधिक पौधारोपण किए जाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि केवल वृक्ष लगाना ही काफी नहीं है, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि वे लगने के बाद जीवित रहें और उनका समुचित संरक्षण हो।
इस संबंध में उन्होंने राजसमंद जिले के प्रसिद्ध पिपलांत्री गांव का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस प्रकार वहां बड़े पैमाने पर पौधे लगाकर उनका संरक्षण किया गया है, उसी तर्ज पर राज्य के अन्य गांवों में भी वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण का कार्य किया जाना चाहिए।
पेयजल प्रबंधन पर विशेष ध्यान
गांवों में मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से राज्यपाल ने सभी ग्रामीण इलाकों में शुद्ध पीने के पानी की सुचारू और प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए।