ग्रहयोगों का कुप्रभाव और अक्षरस: सच साबित हो रही है बाबा भागलपुर की भविष्यवाणी

ग्रहयोगों का कुप्रभाव और अक्षरस: सच साबित हो रही है बाबा भागलपुर की भविष्यवाणी

| लोकेंद्र सिंह शेखावत

भागलपुर (बिहार)। अंतरराष्ट्रीय और विभिन्न घटना-दुर्घटनाओं के मद्देनजर “बाबा-भागलपुर” की भविष्यवाणी एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। दैवज्ञ पंडित आर. के. चौधरी, जिन्हें “बाबा-भागलपुर” के नाम से जाना जाता है, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त ज्योतिष योग शोध केन्द्र, बिहार के संस्थापक तथा संत-साधक और महान भविष्यवेत्ता के रूप में प्रसिद्ध हैं।
“बाबा-भागलपुर” ने 18 दिसंबर 2025 को एक विस्तृत ज्योतिषीय आलेख तैयार किया था, जिसे 24 जनवरी 2026 को अपने फेसबुक पेज “Baba Bhagalpur” पर प्रकाशित किया गया। बाद में 30 जनवरी 2026 को इसे “ज्योतिष योग शोध केन्द्र” के फेसबुक पेज पर भी साझा किया गया।
क्या थी भविष्यवाणी?
“आकाश मंडल में ग्रहों की वर्तमान स्थिति, गोचर, युति तथा दृष्टि संबंधों से निर्मित योगों के आधार पर वर्ष 2026 देश-दुनिया के लिए चुनौतीपूर्ण और उतार-चढ़ाव भरा हो सकता है।”
भविष्यवाणी में निम्न संभावनाओं का उल्लेख किया गया था—
राजनीतिक अस्थिरता:
विश्व राजनीति में उथल-पुथल, सत्ता के शीर्ष पदों पर अचानक परिवर्तन तथा जन-आंदोलनों की संभावना।
विशिष्ट व्यक्तियों से जुड़ी घटनाएँ:
राष्ट्राध्यक्षों, बड़े राजनेताओं, अभिनेताओं या विश्व-प्रसिद्ध व्यक्तियों से संबंधित दुखद समाचार।
किसी धर्मगुरु पर सरकारी कार्रवाई या कठोर निर्णय की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है। कई गुरु आलोचनाओं के शिकार हो सकते है।
प्राकृतिक एवं आकस्मिक आपदाएँ:
भूकंप, आगजनी, रेल एवं हवाई दुर्घटनाएँ, विस्फोटक घटनाएँ या आतंकवादी गतिविधियों जैसी परिस्थितियाँ।
अंतरराष्ट्रीय तनाव:
वैश्विक स्तर पर तनाव बढ़ने अथवा युद्ध जैसे हालात बनने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
ज्योतिषीय कारण:
अन्य ग्रहों के साथ राहु की कुप्रभावी स्थिति को इन संभावित घटनाओं का प्रमुख कारण बताया गया है।
सावधानी और संयम का संदेश
भविष्यवाणी के अंत में यह भी कहा गया कि वर्ष 2026 में कहीं खुशी तो कहीं गम का वातावरण देखने को मिल सकता है। अतः यह समय विश्व समुदाय के लिए सावधानी, संयम और सजगता बरतने का संकेत देता है।
बाबा-भागलपुर ने जगत जननी माता से समस्त विश्व की रक्षा और मानव समाज पर कृपा बनाए रखने की प्रार्थना भी की है।
प्रकाशन संबंधी जानकारी
आलेख तैयार: 18 दिसंबर 2025
संबंधित जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया गया।
20 जनवरी 2026 को मैय्या उग्रतारा स्थान, महिषी (सहरसा) में निवेदन।
24 जनवरी 2026 (माघी गुप्त नवरात्र, षष्ठी तिथि) को फेसबुक पर प्रकाशन।
30 जनवरी 2026 को पुनः साझा किया गया।
बाबा-भागलपुर के द्वारा की गई भविष्यवाणी अभी तक पत्थर की लकीर की तरह छाप छोड़ने में सफल रही है। इसीलिए यह जानना और भी दिलचस्प हो जाता है कि उनके द्वारा की गई अन्य भविष्यवाणी क्या है और किस समय में घटित होने वाली है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

सारंगढ़: सरकारी दफ्तर बना अखाड़ा; कृषि विभाग के REO ने पत्रकार और वकील से की मारपीट, CCTV में कैद हुई करतूत

गणपत चौहान / छत्तीसगढ़  ​सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले के कृषि विभाग कार्यालय...

नेत्र चिकित्सा सेवा एक आध्यात्मिक साधना है: वासुदेव देवनानी

नरेश गुनानी  ​विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने किया 150वें नि:शुल्क...

धरोहरों का संरक्षण हमारी साझा जिम्मेदारी: वासुदेव देवनानी

नरेश गुनानी  ​विश्व धरोहर दिवस पर विधानसभा अध्यक्ष देवनानी ने...