जयपुर/ योगेश शर्मा/वैश्विक पर्यावरण संरक्षण और गोसंवर्धन की दिशा में निरंतर सक्रिय संस्था ‘गौमाया’ तथा प्रतिष्ठित स्वास्थ्य संस्थान ‘सेव्यम’ के मध्य एक महत्वपूर्ण एमओयू (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किए गए। इस साझेदारी के साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर बहुचर्चित ‘संघ शतक अभियान’ को औपचारिक रूप से लॉन्च किया गया।
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के गौरवशाली 100 वर्षों के इतिहास को समर्पित अनूठी पुस्तक ‘संघ शतक’ और इसमें सहयोग देने वाले भामाशाहों के स्वास्थ्य संवर्धन के लिए विशेष पहल की घोषणा की गई।
गोमय पेपर पर छपने वाली दुनिया की पहली पुस्तक: 11 वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की ओर कदम
गौमाया के संस्थापक डॉ. सीताराम गुप्ता ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण और वैदिक परंपरा के संगम से यह ऐतिहासिक कृति तैयार की गई है। पराली, देसी गाय के गोबर और औषधीय हवन सामग्री से विशेष रूप से निर्मित ‘गोमय पेपर’ पर छपने वाली यह दुनिया की पहली पुस्तक बन गई है।
यह ऐतिहासिक दस्तावेज आने वाले दिनों में 11 विश्व रिकॉर्ड्स में दर्ज होने जा रहा है। इस संपूर्ण संकलन और संयोजन में प्रसिद्ध व्यवसायी एवं भामाशाह योगेश मित्तल का उल्लेखनीय योगदान रहा।
भामाशाहों को मिलेगा बॉडी डिटॉक्सिफिकेशन का उपहार
कार्यक्रम में सेव्यम के निदेशक राजा मुकीम ने जानकारी दी कि ‘संघ शतक’ परियोजना में सहयोग देने वाले सभी भामाशाहों को सेव्यम वेलनेस सेंटर की ओर से विशेष ‘बॉडी डिटॉक्सिफिकेशन पैकेज’ उपहार स्वरूप प्रदान किया जाएगा।
गौमाया के मुख्य सलाहकार डॉ. पी. एम. भारद्वाज ने इस विचार को आगे बढ़ाते हुए कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य राष्ट्र सेवा में समर्पित भामाशाहों का केवल सम्मान करना ही नहीं, बल्कि एक स्वस्थ और निरोगी जीवन की परिकल्पना को साकार करना भी है।
अंतरराष्ट्रीय मंच से जुड़ाव: संयुक्त राष्ट्र के डिजिटल डिप्लोमैट का संबोधन
इस अवसर पर सेव्यम नोवाल वेलनेस सेंटर पर शहर के प्रबुद्धजनों के लिए एक विशेष ‘गेट-टुगेदर’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को संयुक्त राष्ट्र के डिजिटल डिप्लोमैट एवं स्वच्छ भारत मिशन के ब्रांड एंबेसडर प्रोफेसर (डॉ.) डी. पी. शर्मा ने ऑनलाइन माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने इस अनूठी पहल की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि पर्यावरण और संस्कृति का यह समन्वय आने वाले दिनों में वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाएगा।
शहर के गणमान्य नागरिकों की रही गरिमामयी उपस्थिति
समारोह में उद्योग, विधि, शिक्षा, समाजसेवा और अध्यात्म जगत की कई प्रमुख हस्तियों ने सहभागिता की:
- सामाजिक व व्यापारिक प्रतिनिधि: माहेश्वरी समाज के पूर्व अध्यक्ष केदार भाला, राजस्थान चैंबर ऑफ कॉमर्स के सेक्रेटरी रवि रेला, एम्प्लॉयर एसोसिएशन के सतीश गुप्ता, आइडिया माइन के राजीव खंडेलवाल।
- शिक्षा, संघ एवं विचार मंच: स्कूल शिक्षा परिवार के निदेशक डॉ. अनिल शर्मा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से प्रताप राव, प्रसिद्ध स्तंभकार राजेश चतुर्वेदी, नवनिर्वाचित पार्षद नवीन भंडारी।
- चिकित्सा, विधि व नवाचार क्षेत्र: प्रसिद्ध आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. पशुपतिनाथ शर्मा, हाई कोर्ट एडवोकेट गिरधारी लाल गुप्ता, पेटेंट अटॉर्नी रोहित जैन, उद्यमी चंद्रम मुकीम।
- संस्कृति, स्टार्टअप व संस्थागत प्रमुख: महंत दीपक वल्लभ गोस्वामी, स्टार्टअप फाउंडर हनुमंत सिंह, डीडीएफ फाउंडर रवि शर्मा, जेएचडब्ल्यू फाउंडर हिम्मत सिंह, गौमाया आईटी हेड नितिन सैनी, अंशदानी फाउंडेशन की निदेशक सपना मुकीम एवं कविता खंडेलवाल।