रिपोर्ट योगेश शर्मा
जयपुर। राजस्थान की राजधानी और छोटी काशी के आराध्य देव ठाकुर श्री गोविंद देवजी मंदिर के प्रांगण में रविवार, 26 अप्रैल को एक ऐतिहासिक आध्यात्मिक आयोजन होने जा रहा है। देशव्यापी ‘गौ सम्मान आह्वान अभियान’ के समर्थन में सुबह 8:15 बजे से श्री सुरभि गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें हजारों श्रद्धालु सम्मिलित होकर गौमाता के संरक्षण और सम्मान के लिए आहुतियां देंगे।
गोमय समिधा से महकेगा मंदिर प्रांगण
यह महायज्ञ युग तीर्थ शांतिकुंज (हरिद्वार) के तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। यज्ञ की विशेषता इसकी पर्यावरण अनुकूल पद्धति है:
- वैदिक पद्धति: गायत्री शक्तिपीठ, ब्रह्मपुरी की विद्वान टोली द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन संपन्न कराया जाएगा।
- गौकाष्ठ का उपयोग: यज्ञ में पारंपरिक लकड़ी के स्थान पर देसी नस्ल की गाय के गोबर से निर्मित ‘गौकाष्ठ’ का उपयोग होगा।
- भक्तों के लिए सुविधा: आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की सामग्री लाने की आवश्यकता नहीं है; सभी को सामूहिक आहुति का अवसर निशुल्क प्रदान किया जाएगा।
महंत अंजन कुमार गोस्वामी ने किया पोस्टर विमोचन
शुक्रवार को मंदिर के महंत अंजन कुमार गोस्वामी ने ठाकुरजी के श्रीचरणों में कार्यक्रम का पोस्टर अर्पित कर निर्विघ्न संपन्नता की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने समाज को कड़ा संदेश देते हुए कहा:
”भारतीय परंपरा में गाय केवल एक पशु नहीं, बल्कि हमारी आस्था और पोषण का आधार है। गोवध पर पूर्ण विराम और गौमाता को उचित सम्मान दिलाने के लिए जन-जन की भागीदारी अनिवार्य है। जब तक समाज का हर व्यक्ति—चाहे वह युवा हो या महिला—इस अभियान से नहीं जुड़ेगा, तब तक कोई भी आंदोलन पूर्णतः प्रभावी नहीं हो सकता।”
इस दौरान अखिल भारतीय गौशाला सहयोग परिषद के डॉ. अतुल गुप्ता, राहुल द्विवेदी (चेयरमैन, पर्यावरण परिषद) और गौ क्रांति मंच के ताराचंद कोठारी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
भजनों से होगा गौ-महिमा का बखान
यज्ञ की पूर्णाहुति के पश्चात प्रातः 10:00 बजे से गौ संकीर्तन का विशेष सत्र होगा। विख्यात भजन गायक आकांक्षा राव और कुंज बिहारी जाजू अपनी सुमधुर प्रस्तुतियों के माध्यम से गौमाता की महिमा का गुणगान करेंगे।
जानिए क्या है ‘गौ सम्मान आह्वान अभियान’?
यह अभियान 27 अप्रैल को पूरे देश में जिला और उपखंड स्तर पर आयोजित किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित मांगों को सरकार तक पहुँचाना है:
- राष्ट्रमाता का दर्जा: गौमाता को राष्ट्रमाता, राष्ट्र धरोहर और राष्ट्र आराध्या घोषित करना।
- गौहत्या बंदी: पूरे भारत में गौवंश की हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना।
- सरकारी संरक्षण: गौशालाओं को उचित अनुदान और सुरक्षा प्रदान करना।
27 अप्रैल को देश भर के संत-महंत और गौ-सेवी संगठन एकजुट होकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपेंगे।
आयोजन सारांश:
- दिनांक: रविवार, 26 अप्रैल
- समय: प्रातः 8:00 बजे (महायज्ञ), प्रातः 10:00 बजे (भजन संकीर्तन)
- स्थान: ठाकुर श्री गोविंद देवजी मंदिर, जयपुर।