गौमाता को ‘राष्ट्रमाता’ घोषित करने और कठोर संरक्षण कानून की उठी मांग
नरेश गुनानी
किशनगढ़ बास (अलवर) | 27 अप्रैल 2026
किशनगढ़ बास तहसील मुख्यालय सोमवार को गोभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। “गो सम्मान अभियान” के तहत आयोजित विशाल श्रद्धा सभा और ज्ञापन कार्यक्रम में हजारों की संख्या में गोभक्तों, संत-महात्माओं और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने हुंकार भरी। इस दौरान तहसील परिसर शंखनाद और गोमाता के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
विभिन्न गो सेवा संगठनों के नेतृत्व में गोभक्तों ने एकजुट होकर उपखंड अधिकारी (SDO) को विस्तृत ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित था। ज्ञापन के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार के समक्ष निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखी गईं:
- राष्ट्रमाता का दर्जा: गौमाता को आधिकारिक रूप से ‘राष्ट्रमाता’ घोषित किया जाए।
- समान राष्ट्रीय कानून: पूरे देश में गो संरक्षण हेतु एक प्रभावी और समान राष्ट्रीय कानून लागू हो।
- गो अभयारण्य की स्थापना: बड़े राज्यों में गोवंश के संरक्षण के लिए विशाल गो अभयारण्यों का निर्माण किया जाए।
- स्थायी व्यवस्था: तहसील स्तर पर गौशालाओं का विस्तार हो और उनके संचालन के लिए स्थायी वित्तीय व प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
हस्ताक्षर अभियान और जनजागरण
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि ज्ञापन के साथ हजारों नागरिकों के समर्थन वाला एक हस्ताक्षर पत्र भी प्रशासन को सौंपा गया। उपस्थित संत-महात्माओं ने अपने संबोधन में कहा कि गौसेवा केवल एक धार्मिक कार्य नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का मूल आधार है। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि प्रत्येक नागरिक को गौवंश के संरक्षण के लिए सक्रिय होना चाहिए।
अनुशासन और भक्ति का अनूठा संगम
श्रद्धालुओं ने एक विशाल रैली के रूप में उपखंड कार्यालय तक कूच किया। रैली पूरी तरह अनुशासित और शांतिपूर्ण रही। गोभक्तों के हाथों में गो संरक्षण के संदेश लिखी पट्टियां और भगवा ध्वज लहरा रहे थे। प्रशासन की ओर से उपखंड अधिकारी ने गोभक्तों की भावनाओं का सम्मान करते हुए आश्वासन दिया कि उनके ज्ञापन को तुरंत उच्च स्तर तक भेजा जाएगा।
आगामी योजना: पूरे जिले में चलेगा अभियान
आयोजकों ने बताया कि यह केवल शुरुआत है। “गो सम्मान अभियान” को अब तहसील स्तर से बढ़ाकर जिले के प्रत्येक कोने तक ले जाया जाएगा। आने वाले दिनों में जिले के अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह के जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि गौ संरक्षण के प्रति जन-जन को जोड़ा जा सके।
समारोह की मुख्य झलकियां:
- उपस्थिति: बड़ी संख्या में संतगण, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, महिला शक्ति और युवा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
- माहौल: घंटों, शंखनाद और ‘गोमाता की जय’ के नारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय बना रहा।
- मुख्य संकल्प: गौवंश की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष और सेवा जारी रहेगी।