गोड्डा के सभी 1538 सरकारी विद्यालयों का होगा मूल्यांकन

गोड्डा के सभी 1538 सरकारी विद्यालयों का होगा मूल्यांकन

28 अगस्त 2025, नेहा रंजन झारखंड,टेलीग्राफ टाइम्स 

गोड्डा जिले के सभी 1538 सरकारी विद्यालयों का व्यापक मूल्यांकन किया जाएगा। इसके लिए 60 मास्टर ट्रेनर नियुक्त किए गए हैं, जो निर्धारित समयावधि में विद्यालयों एवं विद्यार्थियों का आकलन करेंगे। यह पहल राज्य सरकार के “मेरा विद्यालय निपुण, मैं भी निपुण” कार्यक्रम के तहत की जा रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों की बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान (Foundational Literacy & Numeracy) का स्तर जानना और उसे मजबूत करना है।

Photo credit Telegraph Times

पहले चरण की शुरुआत 28 अगस्त से

सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी अजय कुमार ने बताया कि मूल्यांकन कार्य का पहला चरण 28 अगस्त से 2 सितंबर तक चलेगा। इस दौरान जिले के 302 विद्यालयों की कक्षा 2 और कक्षा 3 के बच्चों का मूल्यांकन किया जाएगा। बच्चों के साथ-साथ विद्यालयों का भी आकलन होगा।

  • दिसंबर 2025 तक जिले के सभी 1538 विद्यालयों का मूल्यांकन पूरा कर लिया जाएगा।
  • इससे पहले पायलट प्रोजेक्ट के तहत 30 विद्यालयों का मूल्यांकन केआरपी/सीएसओ द्वारा किया जा चुका है।

मास्टर ट्रेनरों को मिला प्रशिक्षण

मूल्यांकन कार्य की जिम्मेदारी संभालने वाले मास्टर ट्रेनरों को जिला मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय, गोड्डा में दो दिन का विशेष प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण देने वालों में –

  • केआरपी मुरारी प्रसाद शर्मा,
  • निलेश कुमार,
  • सनातन कुमार दास,
  • संपर्क फाउंडेशन से संतोष तिवारी,
  • उगम से ब्यूटी मंडल शामिल थे।

13 संकेतकों के आधार पर होगा मूल्यांकन

केआरपी रीतेश रंजन ने जानकारी दी कि कार्यक्रम के दो प्रमुख घटक हैं –

  1. मेरा विद्यालय निपुण
  2. मैं भी निपुण

विद्यालयों को 13 संकेतकों पर जांचा जाएगा।

  • इनमें से 10 संकेतक विद्यालय स्तर से और
  • 3 संकेतक विद्यार्थियों के अधिगम स्तर से जुड़े होंगे।

संकेतकों में –

  • शिक्षण-अधिगम सामग्री की उपलब्धता,
  • शिक्षकों की जागरूकता,
  • कक्षा संचालन,
  • बाल साहित्य का उपयोग,
  • सामुदायिक भागीदारी
    जैसे बिंदु शामिल हैं।
  • मूल्यांकन में 60% अंक विद्यालय के आधार पर और
  • 40% अंक बच्चों के लर्निंग लेवल पर दिए जाएंगे।

निपुण विद्यालय और प्रमाण पत्र

  • 75% से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यालयों को “निपुण विद्यालय” का दर्जा दिया जाएगा।
  • ऐसे विद्यालयों को स्वर्ण, रजत और कांस्य श्रेणी में प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा।

“मैं भी निपुण” श्रेणी

कक्षा 2 और 3 के बच्चों का मूल्यांकन हिंदी, अंग्रेजी और गणितीय कौशल में किया जाएगा।

  • प्रत्येक विषय में कम से कम 75% अंक लाने वाले बच्चों को “मैं भी निपुण” का प्रमाण पत्र मिलेगा।

 

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