गृह मंत्री ने सीमावर्ती सुरक्षा को लेकर की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक: बीएसएफ, सेना, प्रशासन और नागरिकों के समन्वय से बनेगा अभेद्य सुरक्षा ग्रिड

नरेश गुनानी 

नई दिल्ली/बीकानेर:

देश की सीमाओं की सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने तथा राष्ट्रविरोधी तत्वों के मंसूबों को नाकाम करने के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सीमा सुरक्षा और आंतरिक सुरक्षा को लेकर एक बड़े और रणनीतिक दृष्टिकोण पर चर्चा की गई।

​बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि ने कहा कि सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), भारतीय सेना, जागरूक नागरिक और स्थानीय प्रशासन मिलकर एक मजबूत चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड (Quadrilateral Security Grid) का निर्माण करें। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि देश की संप्रभुता से खिलवाड़ करने वाले किसी भी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा।

सरहद के पार और भीतर, दोनों मोर्चों पर होगी सख्त कार्रवाई

​बैठक में सुरक्षा बलों और प्रशासन को दोहरे मोर्चे पर मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए:

    • पारंपरिक खतरों पर पैनी नजर: बीएसएफ को निर्देशित किया गया है कि वह सरहद के उस पार से आने वाले हर छोटे-बड़े खतरे और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी व निरंतर नजर रखे।
    • आंतरिक देशद्रोहियों पर कड़ा प्रहार: सरहद के अंदर रहकर जो लोग देश विरोधी ताकतों के हाथों का मोहरा बनते हैं या उनका इस्तेमाल किया जाता है, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

​”भीतर बैठे गद्दारों के खिलाफ ऐसी मिसाल कायम करने वाली कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी देश के खिलाफ ऐसी हरकत करने की हिम्मत न कर सके।”

 

सुरक्षा के ‘चतुष्कोणीय ग्रिड’ की अहमियत

​इस नई सुरक्षा रणनीति के तहत चार प्रमुख स्तंभ मिलकर काम करेंगे:

      1. भारतीय सेना: अग्रिम पंक्ति की रक्षा और रणनीतिक बैकअप।
      2. बीएसएफ: सीमा की चौबीसों घंटे चौकसी और घुसपैठ पर लगाम।
      3. स्थानीय प्रशासन: खुफिया जानकारी साझा करना और कानून व्यवस्था बनाए रखना।
      4. जागरूक नागरिक: सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले नागरिकों को सुरक्षा तंत्र की ‘आंख और कान’ बनाना।

बैठक में मौजूद रहे देश के शीर्ष अधिकारी और जनप्रतिनिधि

​इस बेहद महत्वपूर्ण सुरक्षा समीक्षा बैठक के दौरान देश के शीर्ष नीति निर्माता, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और सुरक्षा बलों के प्रमुख मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:

नाम

पद/मंत्रालय

अर्जुनराम मेघवाल

केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)

गोविन्द मोहन

केन्द्रीय गृह सचिव

तपन कुमार

निदेशक, आसूचना ब्यूरो (IB)

डॉ. राजेन्द्र कुमार

सचिव, सीमा प्रबंधन

प्रवीण कुमार

महानिदेशक, सीमा सुरक्षा बल (BSF)

इनके अलावा स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासन के उच्च अधिकारी और बड़ी संख्या में भारतीय सेना के जांबाज जवान भी इस सत्र का हिस्सा बने। बैठक में आधुनिक तकनीक (ड्रोन रोधी प्रणाली और नाइट विजन) के उपयोग और सीमावर्ती गांवों के विकास को लेकर भी विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

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