गूलर बांध का कायाकल्प: 25 करोड़ से बनेगा नया पर्यटन केंद्र, मुख्य अभियंता ने लिया जायजा

सुनील शर्मा 

जयपुर | 4 अप्रैल, 2026 जयपुर की द्रव्यवती नदी पर स्थित ऐतिहासिक गूलर बांध के दिन अब बहुरने वाले हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की बजट घोषणा के तहत इस बांध को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की कवायद तेज हो गई है। शनिवार को जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता एवं अतिरिक्त सचिव भुवन भास्कर ने बांध स्थल का दौरा कर चल रहे विकास कार्यों और उनकी गुणवत्ता का बारीकी से निरीक्षण किया।

परियोजना की मुख्य विशेषताएं

​गूलर बांध के सौंदर्यीकरण और पुनरुद्धार के लिए विभाग ने 25 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत के निर्देशन में विभाग ने इसकी विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार कर कार्य शुरू करवा दिया है। इस परियोजना के प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • आधुनिक गेट प्रणाली: मानसून के दौरान अतिरिक्त जल प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए बांध पर नए गेट लगाए जाएंगे। इससे नहरों में पानी के बहाव का प्रबंधन सटीक रूप से हो सकेगा।
  • पर्यटन विकास: बांध क्षेत्र में आकर्षक घाटों और सुव्यवस्थित उद्यानों (गार्डन) का निर्माण किया जाएगा।
  • सुरक्षा दीवार: चंदलाई की ओर जाने वाली नहर के दोनों किनारों पर सुरक्षा दीवार (Safety Wall) का निर्माण किया जाएगा ताकि मिट्टी के कटाव और दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
  • लैंडस्केपिंग: मुख्य अभियंता ने पूरे क्षेत्र को हरा-भरा बनाने के लिए एक व्यापक और दीर्घकालिक लैंडस्केपिंग योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

निरीक्षण के दौरान कड़े निर्देश

​निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता भुवन भास्कर ने पाया कि बांध का ओवरफ्लो स्ट्रक्चर अत्यंत जर्जर अवस्था में है। उन्होंने इसे तकनीकी रूप से पुन: डिजाइन करने और नए सिरे से निर्माण करने के आदेश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण सामग्री की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और अधिकारियों को नियमित जांच के साथ दस्तावेजों के सही संधारण के निर्देश दिए।

​निरीक्षण के दौरान उनके साथ ये अधिकारी भी मौजूद रहे:

  1. सुरेश खतानिया (अतिरिक्त मुख्य अभियंता)
  2. रमाशंकर (अधीक्षण अभियंता)
  3. अनिल थालौर (अधिशासी अभियंता)

नेवटा और अन्य बांधों का भी होगा उद्धार

​गूलर बांध के निरीक्षण के पश्चात मुख्य अभियंता ने नेवटा बांध का भी दौरा किया। विभाग की योजना केवल गूलर बांध तक सीमित नहीं है; बल्कि जयपुर के आसपास के प्रमुख बांधों जैसे कानोता, नेवटा और चंदलाई को भी आधुनिक तकनीक से लैस कर पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

Block title
Related

कमला एकादशी पर पुष्कर सरोवर में पंचतीर्थी स्नान शुरू, हजारों श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

हरि प्रसाद शर्मा  पुष्कर (अजमेर)। धार्मिक नगरी पुष्कर में कमला...