गुलाबी नगरी में राष्ट्रमंडल देशों के संसदीय प्रतिनिधियों का जमावड़ा: आमेर की भव्यता देख हुए मंत्रमुग्ध

गुलाबी नगरी में राष्ट्रमंडल देशों के संसदीय प्रतिनिधियों का जमावड़ा: आमेर की भव्यता देख हुए मंत्रमुग्ध

जयपुर, 17 जनवरी 2026

| गौरव कोचर

​राजस्थान की राजधानी जयपुर में शनिवार को अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और सांस्कृतिक मेल-मिलाप का अनूठा संगम देखने को मिला। राष्ट्रमंडल देशों (Commonwealth Countries) के 40 देशों से आए 120 सदस्यीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने अपने दो दिवसीय जयपुर प्रवास के पहले दिन विश्व प्रसिद्ध आमेर महल का भ्रमण किया। राजपूत स्थापत्य कला और इतिहास की जीवंत गवाही देते इस दुर्ग की भव्यता देखकर विदेशी मेहमान अभिभूत नजर आए।

फ़ोटो टेलीग्राफ टाइम्स

पारंपरिक स्वागत से अभिभूत हुए मेहमान

​प्रतिनिधिमंडल के जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचने पर राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने उनकी अगवानी की। इसके बाद जब यह दल आमेर महल पहुंचा, तो वहां का नजारा उत्सव जैसा था। राजस्थानी लोक वाद्ययंत्रों की गूंज और पारंपरिक तिलक-माला के साथ हुए आत्मीय स्वागत ने प्रतिनिधियों को प्रदेश की ‘पधारो म्हारे देश’ की संस्कृति से रूबरू कराया।

फ़ोटो टेलीग्राफ टाइम्स

​स्थापत्य कला और इतिहास का अवलोकन

​भ्रमण के दौरान उच्च प्रशिक्षित गाइडों ने प्रतिनिधियों को आमेर के गौरवशाली इतिहास और राजपूतकालीन वास्तुकला की बारीकियों से अवगत कराया। प्रतिनिधिमंडल ने दुर्ग के प्रमुख हिस्सों का बारीकी से निरीक्षण किया, जिनमें शामिल थे:

  • दीवान-ए-आम एवं दीवान-ए-खास: जहाँ कभी राजा अपनी प्रजा और खास मेहमानों से मिलते थे।
  • गणेश पोल: प्रवेश द्वार की नक्काशी और चित्रकारी ने सभी का ध्यान खींचा।
  • मान सिंह महल एवं 27 कचहरी: यहाँ की ऐतिहासिक महत्ता और निर्माण शैली की प्रतिनिधियों ने सराहना की।

​शीश महल की कारीगरी ने जीता दिल

​भ्रमण का मुख्य आकर्षण शीश महल रहा। दर्पणों के सूक्ष्म काम और अद्भुत कारीगरी को देखकर प्रतिनिधि दंग रह गए। यहाँ से मावठा सरोवर और केसर क्यारी बाग के मनोरम दृश्य ने मेहमानों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कई देशों के संसदीय अध्यक्षों और सदस्यों ने इसे भारतीय सांस्कृतिक विरासत का एक बेजोड़ प्रतीक बताया।

​प्रवास का उद्देश्य और महत्व

​यह दौरा राष्ट्रमंडल देशों के बीच विधायी और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। प्रतिनिधिमंडल में विभिन्न देशों की संसद के अध्यक्ष, सदस्य और उच्च स्तरीय अधिकारी शामिल हैं। 18 जनवरी को भी यह दल जयपुर के अन्य ऐतिहासिक, प्रशासनिक और सांस्कृतिक स्थलों का दौरा करेगा।

​इस आयोजन के माध्यम से राजस्थान की समृद्ध परंपराओं और आधुनिक विकासशील दृष्टिकोण को अंतरराष्ट्रीय पटल पर प्रदर्शित करने का अवसर मिला है।

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