लोकेंद्र सिंह शेखावत
नाटाणियों की हवेली, खजाने वालों का रास्ता और दिगम्बर जैन मंदिर सहित विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों का लिया जायजा
जयपुर, 31 मार्च। यूनेस्को वर्ल्ड हैरिटेज सिटी जयपुर की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए राज्य सरकार अब ‘मिशन मोड’ पर कार्य करेगी। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने मंगलवार को जयपुर के ऐतिहासिक परकोटा क्षेत्र का सघन दौरा कर विरासत स्थलों की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में निर्देश दिए कि जयपुर की वैश्विक पहचान को बनाए रखने के लिए धरातल पर त्वरित और प्रभावी कार्य सुनिश्चित किए जाएं।
संकरी गलियों में पैदल भ्रमण कर जानी वस्तुस्थिति
मुख्य सचिव ने परकोटे की संकरी गलियों में पैदल भ्रमण कर ऐतिहासिक इमारतों, हवेलियों और मंदिरों की स्थिति को करीब से देखा। निरीक्षण के दौरान उनके साथ शासन सचिव रवि जैन, संभागीय आयुक्त वी. सरवण कुमार, आयुक्त डॉ. गौरव सैनी, उपायुक्त (स्वास्थ्य) मृणाल कुमार, अतिरिक्त आयुक्त नरेन्द्र कुमार बंसल और एटीपी आकाश कुमावत सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

निरीक्षण के मुख्य पड़ाव:
- नाटाणियों की हवेली: मुख्य सचिव ने यहाँ संचालित कोतवाली थाने का निरीक्षण किया और वर्षों पुराने संधारित अभिलेखों को देखा। उन्होंने इमारत के संरक्षण के लिए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
- खजाने वालों का रास्ता: यहाँ खजाने वालों की हवेली और जैमिनी बिल्डिंग का अवलोकन कर ऐतिहासिक जानकारी ली गई।
- अन्य स्थल: मणिहारों का रास्ता स्थित दिगम्बर जैन मंदिर, सांगो का रास्ता स्थित राजस्थान स्कूल ऑफ आर्ट और हैरिटेज वॉक-वे का भी गहन निरीक्षण किया गया।
नगर निगम मुख्यालय में समीक्षा बैठक
निरीक्षण के पश्चात मुख्य सचिव ने नगर निगम मुख्यालय के ई.सी. मीटिंग हॉल में जोन उपायुक्तों और मुख्यालय के अधिकारियों की बैठक ली। हैरिटेज सेल द्वारा प्रस्तुत पीपीटी के माध्यम से अब तक किए गए संरक्षण कार्यों की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने जोन उपायुक्तों से उनके कार्यों का फीडबैक लिया और कार्यप्रणाली में सुधार के निर्देश दिए।
विरासत संरक्षण के लिए मुख्य निर्देश:
यूनेस्को वर्ल्ड हैरिटेज सिटी का टैग बरकरार रखने और शहर के सौंदर्यकरण के लिए मुख्य सचिव ने निम्नलिखित कड़े निर्देश दिए:
- केबल और लाइट प्रबंधन: परकोटा क्षेत्र में अनाधिकृत रूप से लटक रही केबलों को तुरंत हटाने और खराब पड़ी फसाड़ लाइटों व स्ट्रीट लाइटों को ठीक करने के निर्देश दिए।
- स्पेशल एरिया हैरिटेज प्लान: विरासत संरक्षण के लिए विशेष योजना (Special Area Heritage Plan) बनाने के कार्य में गति लाने को कहा गया।
- सक्रिय हैरिटेज सेल: हैरिटेज सेल को अधिक उत्तरदायी, सक्रिय और परिणामोन्मुख बनाने के निर्देश दिए ताकि संरक्षण कार्य कागजों के बजाय धरातल पर दिखें।
मुख्य सचिव ने अंत में जोर देते हुए कहा कि जयपुर की समृद्ध संस्कृति और विरासत को सहेजना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके ऐतिहासिक स्वरूप से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा।
