गुर्जर समाज ने किया रेलवे ट्रैक जाम, महापंचायत के फैसले से नाराजगी जताई
भरतपुर से बड़ी खबर, यात्रियों को झेलनी पड़ी परेशानी
संवाददाता: Telegraph Times | sanjay singh Edited By :Naresh Gunani
टेलीग्राफ टाइम्स
भरतपुर | 08 जून 2025
गुर्जर समाज एक बार फिर आरक्षण और लंबित मांगों को लेकर सड़कों पर उतर आया है। शनिवार को पीलूपुरा में आयोजित गुर्जर महापंचायत के फैसलों से असंतुष्ट होकर समाज के युवाओं ने दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया। इस विरोध प्रदर्शन के चलते मथुरा और सवाई माधोपुर के बीच चल रही पैसेंजर ट्रेनें करीब एक घंटे तक रुकी रहीं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

महापंचायत में सरकार और समाज के बीच बनी सहमति
पीलूपुरा में आयोजित महापंचायत के दौरान राज्य सरकार की ओर से प्रस्तुत किए गए मसौदे को पढ़कर सुनाया गया। जानकारी के अनुसार, सरकार ने गुर्जर समाज की 7 प्रमुख मांगों को मान लिया है। इन मांगों में शामिल हैं:
- MBC (पिछड़ा वर्ग) को 5 प्रतिशत आरक्षण देने पर कैबिनेट में निर्णय
- केंद्र सरकार को सिफारिश भेजी जाएगी
- आंदोलन के दौरान दर्ज पुराने मुकदमों की समाप्ति
- भविष्य में भर्ती और निस्तारण की प्रक्रिया स्पष्ट होगी
- शहीद रूप नारायण के परिवार को अनुकंपा नियुक्ति
- देव नारायण योजना की मासिक समीक्षा
- छात्रवृत्ति वितरण में पारदर्शिता और समयबद्धता
इसके बाद गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक विजय बैंसला ने महापंचायत को समाप्त करने की घोषणा की। उन्होंने समाज से एकजुटता बनाए रखने की अपील की और कहा, “यह लाल पगड़ी बैंसला साहब की आखिरी निशानी है, इसे हल की तरह चलाओ।”

ट्रैक पर बैठे प्रदर्शनकारी, मांगों पर नाराजगी बरकरार
हालांकि महापंचायत समाप्त हो गई, लेकिन फैसलों से असंतुष्ट समाज के युवाओं ने रेलवे ट्रैक पर डेरा जमा लिया। भरतपुर के पीलूपुरा क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग रेलवे ट्रैक पर पहुंच गए और कोटा-मथुरा पैसेंजर ट्रेन को रोक दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक सरकार साफ तौर पर सभी मांगें नहीं मानती और लिखित आश्वासन नहीं देती, वे ट्रैक से नहीं हटेंगे।
राजनीतिक बयानबाज़ी भी तेज
इस घटनाक्रम पर गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि, “भजनलाल सरकार समाज के मुद्दों को हल करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अगर समाज बातचीत से हल चाहता है तो सरकार तैयार है, लेकिन अगर राजनीतिकरण हो रहा है, तो यह चिंता की बात है।”
महापंचायत में रही भीड़, नेताओं के भाषणों ने भरा जोश
महापंचायत में राजस्थान और अन्य राज्यों से आए समाज के 200 से अधिक प्रमुख नेता मौजूद रहे। बयाना विधायक ऋतु बनावत ने अपने संबोधन में कहा कि उन्होंने समाज की मांगों को विधानसभा में मजबूती से रखा है और MBC को 9वीं अनुसूची में शामिल करने की पुरजोर मांग उठाई है।
प्रशासन ने की व्यवस्थाएं, सड़क मार्ग भी डायवर्ट
महापंचायत के लिए प्रशासन ने सुरक्षा और मूलभूत जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पानी और शरबत की व्यवस्था की। भीड़ को देखते हुए बयाना से हिंडौन रोड को अस्थायी रूप से डायवर्ट किया गया।
अभी आंदोलन थमने के आसार नहीं
हालांकि सरकार और समाज के बीच कुछ बिंदुओं पर सहमति बनी है, लेकिन युवाओं के बीच असंतोष अभी भी स्पष्ट है। ट्रैक पर जारी प्रदर्शन और ट्रेनें रोके जाने की घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि गुर्जर समाज अपनी मांगों को लेकर पूरी गंभीरता से संघर्षरत है। अब देखना यह होगा कि सरकार और समाज के बीच कब तक कोई ठोस समाधान निकलता है।

