गुर्जर आरक्षण पर राजस्थान सरकार का बड़ा फैसला: तीन सदस्यीय कैबिनेट सब कमेटी का गठन, जोगाराम पटेल होंगे अध्यक्ष
जयपुर, 30 जून 2025 | Telegraph Times news Edited By : नरेश गुनानी
टेलीग्राफ टाइम्स
जयपुर:राजस्थान में गुर्जर आरक्षण सहित ओबीसी समाज की लंबित मांगों को लेकर सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंजूरी के बाद राज्य सरकार ने तीन सदस्यीय कैबिनेट सब कमेटी का गठन किया है, जो इन संवेदनशील और वर्षों से लंबित मुद्दों पर गंभीरता से विचार करेगी।
कमेटी की संरचना
- अध्यक्ष: संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल
- सदस्य: सामाजिक न्याय मंत्री अविनाश गहलोत
- सदस्य: राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म
- सदस्य सचिव: अतिरिक्त मुख्य सचिव, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग
इन मुद्दों पर होगा विचार
कैबिनेट सब कमेटी को जिन प्रमुख मांगों और मसलों पर विचार करना है, उनमें शामिल हैं:
- एमबीसी वर्ग (Most Backward Classes) के 5% आरक्षण को संविधान की 9वीं अनुसूची में शामिल कराना ताकि इसे न्यायिक चुनौती से बचाया जा सके।
- पुरानी भर्तियों में आरक्षण रोस्टर की समीक्षा और पुनरावलोकन।
- गुर्जर आंदोलन से जुड़े मुकदमों की वापसी पर निर्णय।
- देवनारायण योजना जैसे कल्याणकारी कार्यक्रमों की प्रभावी क्रियान्विति सुनिश्चित करना।
- शैक्षणिक छात्रवृत्ति, साइकिल-स्कूटी योजना जैसी योजनाओं की स्थिति की समीक्षा और प्रभावशीलता बढ़ाना।
गुर्जर समाज का दिया गया था अल्टीमेटम
बता दें कि हाल ही में भरतपुर के पिलूपुरा में आयोजित महापंचायत के बाद गुर्जर समाज ने सरकार को 60 दिनों का अल्टीमेटम दिया था, जिसमें स्पष्ट कहा गया था कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो बड़ा आंदोलन हो सकता है।
विजय बैंसला ने जताई संतोष की भावना
गुर्जर नेता विजय बैंसला ने राज्य सरकार के इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि अगर यह समिति सक्रियता से काम करती है, तो वर्षों से लंबित मुद्दों का समाधान संभव है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब गुर्जर समाज को न्याय मिलेगा।
अगली कैबिनेट बैठकों में होगा फैसला
सूत्रों के अनुसार, आगामी दो कैबिनेट बैठकों में इस कमेटी की सिफारिशों के आधार पर नीतिगत निर्णय लिए जा सकते हैं। यह राजस्थान सरकार की ओर से समाज के साथ संवाद और समाधान की दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम माना जा रहा है।