गुरु नानक देव जी के प्रकाशोत्सव पर हनुमानगढ़ में भव्य गुरमत समागम, केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल हुए शामिल – प्रधानमंत्री साकार कर रहे गुरु परंपरा के मूल्य
नरेश गुनानी •
जयपुर, 10 नवम्बर। गुरु नानक देव जी के 556वें प्रकाशोत्सव के अवसर पर रविवार को सूरतगढ़ रोड स्थित एसकेडी विश्वविद्यालय में भव्य गुरमत समागम और विशाल सिख ऐतिहासिक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय कानून एवं न्याय, संस्कृति तथा संसदीय कार्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि गुरु नानक देव जी ने पूरी दुनिया को सत्य, प्रेम, सेवा और समानता का संदेश दिया। उन्होंने जाति-पांति और ऊंच-नीच के भेदभाव को नकारते हुए मानवता को सर्वोपरि माना।
मेघवाल ने कहा कि गुरु नानक देव जी ने पांच शताब्दियों पूर्व ‘इक ओंकार सतनाम’ अर्थात एक ईश्वर और एक सत्य का जो संदेश दिया, वह आज भी समाज के लिए अमृत समान है। लंगर परंपरा के माध्यम से उन्होंने समानता, सेवा और मानवता का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत किया। उनका मत था कि ईमानदारी से मेहनत करो, और जो कमाओ उसे जरूरतमंदों के साथ साझा करो — यही सच्चा धर्म है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गुरु नानक देव जी से लेकर गुरु तेग बहादुर जी तक सभी गुरुओं ने राष्ट्र को सर्वोपरि रखा और धर्म व देश को एक सूत्र में पिरोया। उन्होंने कहा कि खालसा केवल एक पंथ नहीं, बल्कि गुरु ग्रंथ साहिब से प्रस्फुटित प्रकाश पुंज है, जो पूरे देश में साहस, बलिदान और ज्ञान की ज्योति फैलाता है। सिख समुदाय का त्याग, बलिदान और अदम्य साहस अनुकरणीय है।
मेघवाल ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरु परंपरा के मूल्यों को साकार कर रहे हैं। चाहे वीर बाल दिवस की घोषणा हो, करतारपुर कॉरिडोर का निर्माण, गुरु तेग बहादुर प्रकाश पर्व का आयोजन या हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजना — ये सभी कार्य आजाद भारत में पहली बार हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि बीकानेर के समीप कोलायत तीर्थस्थल पर गुरु नानक देव जी और महर्षि कपिल की भेंट हुई थी, जहां आज भी हिंदू और सिख श्रद्धालु कपिल सरोवर में डुबकी लगाकर एकता और आस्था का अद्भुत संदेश देते हैं।
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री एवं अन्य अतिथियों ने दरबार में मत्था टेका, गुरुवाणी का श्रवण किया और लंगर प्रसाद ग्रहण किया। पूर्व मंत्री सुरेंद्र पाल सिंह टीटी ने कहा कि जैसे तारों की गिनती असंभव है, वैसे ही यह बताना कठिन है कि गुरु नानक देव जी ने कितनों को जीवन मार्ग दिखाया। उन्होंने कहा कि गुरु का संदेश जन-जन तक पहुंचाना ही ऐसे समागमों की सार्थकता है।
पंथ प्रसिद्ध कीर्तन जत्थों — भाई सुखविंद्र सिंह, भाई गुरप्रीत सिंह खालसा और भाई गुरप्रीत सिंह नामदेव — ने कथा-कीर्तन के माध्यम से संगत को निहाल किया।
अपने एक दिवसीय हनुमानगढ़ दौरे पर अर्जुन राम मेघवाल ने एसकेडी विश्वविद्यालय परिसर में नवनिर्मित पंडित दीनदयाल उपाध्याय सदन का उद्घाटन भी किया। इस अवसर पर हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण लाल मिढ़ा, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग अध्यक्ष इकबाल सिंह लालपुरा, आरएसएस क्षेत्रीय कार्यवाहक जसवंत खत्री, पूर्व मंत्री सुरेंद्रपाल सिंह टीटी सहित अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में पूर्व मंत्री डॉ. रामप्रताप सहू, एसपी हरि शंकर, भाजपा एससी मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष कैलाश मेघवाल, जिलाध्यक्ष प्रमोद डेलू, पूर्व सांसद शंकर पन्नू, अनूपगढ़ सभापति प्रियंका बैलाण, एडीएम उम्मेदीलाल मीना, रिटायर्ड आईजी गिरीश चावला, एसकेडी चेयरपर्सन वरुण यादव, बाबूलाल जुनेजा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।

