गुम पंचायत सचिव जयपाल सिदार हत्याकांड का पुलिस ने किया खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार – मुख्य साजिशकर्ता पहले से जेल में

गुम पंचायत सचिव जयपाल सिदार हत्याकांड का पुलिस ने किया खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार – मुख्य साजिशकर्ता पहले से जेल में

रिपोर्ट: टेलीग्राफ टाइम्स रायगढ़
By : गणपत चौहान 
टेलीग्राफ टाइम्स
अगस्त 01,2025

रायगढ़, 31 जुलाई 2025 – रायगढ़ जिले को झकझोर देने वाले ग्राम पंचायत पाकरगांव के सचिव जयपाल सिदार (43 वर्ष) की गुमशुदगी के मामले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। यह मामला दरअसल एक सुनियोजित हत्या निकला, जिसमें तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि मुख्य साजिशकर्ता शिव साहू पहले से ही हत्या के एक अन्य मामले में जेल में बंद है।

कैसे हुआ हत्या का खुलासा

7 जुलाई को जयपाल सिदार अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने के बाद लापता हो गए थे। परिजनों ने 8 जुलाई को थाना लैलूंगा में गुम इंसान की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शुरुआती खोजबीन के बाद कोई ठोस सुराग न मिलने पर पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएसपी अनिल विश्वकर्मा, साइबर सेल, व थाना लैलूंगा की संयुक्त टीम गठित की। एडिशनल एसपी आकाश मरकाम और एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी भी जांच में शामिल हुए।

Photo credit Telegraph Times

टीम ने मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया। इस दौरान तीन युवकों – शुभम गुप्ता, कमलेश यादव और मदन गोपाल सिदार की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं।

₹1 लाख में ‘कॉन्ट्रैक्ट किलिंग’ का सौदा

पूछताछ में आरोपी शुभम गुप्ता ने खुलासा किया कि रायगढ़ फुटहामुडा निवासी शिव साहू ने, जो पहले से हत्या के मामले में जेल में बंद है, करीब छह माह पहले पेरोल पर आने के दौरान पुरानी रंजिश के चलते जयपाल सिदार की हत्या के लिए ₹1,00,000 देने की बात कही थी। शुभम ने यह प्रस्ताव स्वीकार कर अपने दो साथियों के साथ योजना बनाई। 3 जुलाई को शिव साहू से फिर बात हुई और ₹10,000 एडवांस लिया गया।

गला घोंटकर हत्या और शव फेंकने की साजिश

हत्या की योजना के तहत 7 जुलाई की सुबह जयपाल सिदार को कोतबा जाने के बहाने बुलाया गया। शुभम, कमलेश और मदन गोपाल उनके साथ उनकी स्विफ्ट डिजायर कार (CG12 BA 6453) में सवार होकर जशपुर रोड की ओर निकले और रास्ते में गमछा से गला कसकर हत्या कर दी।
हत्या के बाद शव को कार में छिपाकर आरोपी घूमते रहे और फिर सिसरिंगा घाटी में फेंक दिया। मोबाइल फोन को मैनपाट जंगल में और गाड़ी को बिना नंबर प्लेट के लाखा (पूंजीपथरा) के पास छोड़कर फरार हो गए। हत्या में प्रयुक्त गमछा को जलाकर साक्ष्य मिटाने की कोशिश की गई।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई

पुलिस ने शव बरामद कर पोस्टमार्टम कराया और गुमशुदगी का मामला हत्या में बदल दिया। थाना धरमजयगढ़ में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 238, 61(2), 3(5) BNS के तहत अपराध दर्ज किया गया। विवेचना थाना लैलूंगा में स्थानांतरित की गई।

गिरफ्तार आरोपी

  1. मदन गोपाल सिदार (19), निवासी पाकरगांव, थाना लैलूंगा, रायगढ़
  2. युगल किशोर उर्फ शुभम गुप्ता (20), निवासी पाकरगांव, थाना लैलूंगा, रायगढ़
  3. कमलेश यादव (19), निवासी मथपहाड़, थाना बागबहार, जिला जशपुर
  4. शिव साहू – मुख्य साजिशकर्ता (पहले से हत्या के एक अन्य मामले में जेल में बंद)

पुलिस टीम का योगदान

इस जटिल मामले के खुलासे में पुलिस अधीक्षक दिव्यांग कुमार पटेल के मार्गदर्शन एवं एडिशनल एसपी आकाश मरकाम, सीएसपी/साइबर सेल प्रभारी अनिल विश्वकर्मा, डीएसपी उत्तम प्रताप सिंह, एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी का विशेष योगदान रहा।
कार्रवाई में थाना प्रभारी रोहित बंजारे (लैलूंगा), सीताराम ध्रुव (धरमजयगढ़), साइबर सेल और थाना स्टाफ के साथ कई प्रधान आरक्षक व आरक्षक शामिल रहे।

पुलिस अब मामले की गहन विवेचना कर रही है और अन्य संभावित कड़ियों की जांच जारी है।


 

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