गिव अप अभियान ने 84 लाख लोगों की लौटाई मुस्कान, देशभर में हुई सराहना

नरेश गुनानी 

जयपुर/बीकानेर। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने सोमवार को बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के लाभार्थियों से सीधा संवाद किया। पंचायत समिति परिसर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि राजस्थान में चलाए गए ‘गिव अप अभियान’ ने प्रदेश के 84 लाख जरूरतमंद लोगों की खोई मुस्कान लौटाई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अगुवाई में चला यह अभियान आज पूरे देश के लिए एक मिसाल बन चुका है।

​1 नवंबर 2024 को शुरू हुआ था अभियान

​खाद्य मंत्री ने बताया कि घर-घर संपर्क के दौरान यह बात सामने आई थी कि कई अपात्र लोग इस योजना का गलत तरीके से लाभ उठा रहे थे, जिसके कारण वास्तविक और जरूरतमंद पात्र लोग इससे वंचित रह जाते थे। खाद्य सुरक्षा अधिनियम के नियमों के मुताबिक प्रदेश में केवल 4.46 करोड़ लोगों को ही इसका लाभ दिया जा सकता है।

​इसी स्थिति को सुधारने के लिए 1 नवंबर 2024 को ‘गिव अप अभियान’ की शुरुआत की गई और सक्षम लोगों से स्वेच्छा से नाम वापस लेने की अपील की गई। इस मुहिम का असर यह रहा कि:

  • 56 लाख लोगों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा का लाभ त्याग दिया।
  • 29 लाख लोगों ने अपनी ई-केवाईसी (e-KYC) नहीं करवाई, जिससे अपात्रों की छंटनी हुई।

​एक दशक बाद खुला NFSA पोर्टल

​सुमित गोदारा ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री ने एक दशक से भी अधिक समय के बाद 26 जनवरी 2025 को एनएफएसए पोर्टल को दोबारा चालू करवाया। इसके जरिए अब तक 84 लाख वास्तविक पात्र परिवारों को योजना से जोड़ा जा चुका है।

लाभार्थियों को मिलने वाली सुविधाएं: इन सभी नए जुड़े परिवारों को मुफ्त इलाज (स्वास्थ्य बीमा), रसोई गैस सिलेंडर पर सब्सिडी और किसी दुर्घटना में मृत्यु होने की स्थिति में परिजनों को ₹5 लाख तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

 

​प्रधानमंत्री के 10 साल पुराने अभियान से तुलना

​खाद्य मंत्री ने याद दिलाया कि ठीक इसी तरह का अभियान 10 वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एलपीजी (गैस) सब्सिडी छोड़ने के लिए चलाया गया था, जिसे देश की जनता ने भारी समर्थन दिया था। वर्तमान में राजस्थान के इस ‘गिव अप अभियान’ को भी जनता का वैसा ही सहयोग मिला है, जिसकी सराहना देश के गृह मंत्री अमित शाह ने भी की है। कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने पात्र लोगों को खाद्य सुरक्षा प्रमाण पत्र भी सौंपे।

​श्रीडूंगरगढ़ में 30 हजार से अधिक परिवारों को राहत

​गोदारा ने बताया कि अकेले श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में करीब 34 लाख लोगों ने स्वेच्छा से इस योजना का लाभ छोड़ा है (या अपात्र पाए गए), जिसके बाद क्षेत्र के 30 हजार से अधिक नए वास्तविक पात्र लोगों को इस सूची में शामिल कर राहत पहुंचाई गई है। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, नोखा और खाजूवाला के बाद अब श्रीडूंगरगढ़ में यह लाभार्थी संवाद आयोजित किया गया है और आने वाले समय में अन्य विधानसभा क्षेत्रों में भी ऐसे कार्यक्रम होंगे।

​उन्होंने पिछले ढाई वर्षों में लूणकरणसर क्षेत्र में पानी, बिजली, सड़क, चिकित्सा, शिक्षा और पशु चिकित्सा जैसे 7 प्रमुख क्षेत्रों में हुए ऐतिहासिक विकास कार्यों का ब्योरा दिया और कहा कि जनप्रतिनिधियों में विकास को लेकर हमेशा सकारात्मक प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए।

​क्षेत्र में विकास के नए कीर्तिमान: विधायक ताराचंद सारस्वत

​कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्रीडूंगरगढ़ विधायक ताराचंद सारस्वत ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में क्षेत्र ने विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है। बुनियादी ढांचा जैसे सड़क, पानी और बिजली व्यवस्था को काफी मजबूत किया गया है। क्षेत्र के प्रत्येक गांव में बड़ी संख्या में नए ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं, जिससे बिजली आपूर्ति में बहुत बड़ा सुधार देखने को मिला है।

​वही, विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के अध्यक्ष राम गोपाल सुथार ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें गरीब, मजदूर, महिला, वृद्ध और किसानों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने आमजन से शहरी और ग्रामीण सेवा शिविरों में पहुंचकर सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।

​ये रहे मौजूद और जगह-जगह हुआ स्वागत

​इस कार्यक्रम में जालम सिंह भाटी, रामेश्वर पारीक, छैलू सिंह शेखावत, मानमल शर्मा, विनोद गिरी गुसाई, महेंद्रनाथ तंवर, कानाराम, राजकुमार कस्वा और हेमनाथ जाखड़ सहित भारी संख्या में ग्रामीण और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

​इससे पहले, बीकानेर से श्रीडूंगरगढ़ आते समय रास्ते में रायसर, सेरूणा, झंझेउ, जोधासर और लखासर सहित दर्जनों स्थानों पर खाद्य मंत्री सुमित गोदारा का भव्य स्वागत और अभिनंदन किया गया। अगवानी करने वालों में रणवीर सिंह, गौरीशंकर स्वामी, श्रीभगवान स्वामी, भँवर सिंह तंवर, बालू राम जाखड़, मुनीराम जाखड़, नवरत्न घिंटाला, भंवर सिंह चंद्रावत, सीताराम बुढ़िया और कुलदीप सारस्वत प्रमुख रूप से शामिल रहे।

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