रिपोर्ट: योगेश शर्मा, जयपुर
जयपुर। अखिल विश्व गायत्री परिवार के शताब्दी समारोह के प्रथम चरण की भव्य सफलता के बाद अब संगठन अपने अगले मिशन यानी ‘क्रियान्वयन चरण’ में प्रवेश कर चुका है। गायत्री परिवार प्रमुख शैलबाला पण्ड्या के दिशा-निर्देशानुसार, राजस्थान में नारी जागरण, युवा सशक्तिकरण और नशा मुक्ति जैसे गंभीर विषयों पर व्यापक अभियान छेड़ा जाएगा।
शताब्दी संकल्पों को धरातल पर उतारने की तैयारी
शांतिकुंज हरिद्वार की प्रमुख शैलबाला पण्ड्या ने राजस्थान के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि शताब्दी समारोह के दौरान मिले मार्गदर्शन को समाज में जीवंत करना ही समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि अब ‘विचार क्रांति अभियान’ को गति देने के लिए शिक्षक सम्मेलन, युवा सम्मेलन और नारी जागरण जैसे कार्यक्रमों को चरणबद्ध तरीके से धरातल पर उतारा जाएगा।
प्रदेशभर में बैठकों का दौर शुरू
गायत्री परिवार राजस्थान के मुख्य ट्रस्टी ओमप्रकाश अग्रवाल ने बताया कि आगामी कार्ययोजना को अंतिम रूप देने के लिए केंद्रीय प्रतिनिधि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं के साथ संवाद कर रहे हैं। जल्द ही जिला और उपजोन स्तर पर ‘शताब्दी संकल्प समीक्षा कार्यशाला’ का आयोजन किया जाएगा, जहाँ अब तक के कार्यों की समीक्षा होगी और भविष्य की गतिविधियों के क्रियात्मक पक्षों पर निर्णय लिया जाएगा।
राजस्थान जोन समन्वयक गौरीशंकर सैनी ने स्पष्ट किया कि यह समय केवल उत्सव मनाने का नहीं, बल्कि लिए गए संकल्पों को साकार करने का है। संगठन का लक्ष्य है कि प्रत्येक कार्यकर्ता अपने क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन का वाहक बने।
झोटवाड़ा में बनेगा ‘नव चेतना केन्द्र’
संगठन विस्तार की दिशा में कदम बढ़ाते हुए जयपुर के झोटवाड़ा क्षेत्र में आयोजित कार्यकर्ता गोष्ठी में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
- स्थापना: वासुदेवपुरी में ‘नव चेतना केन्द्र’ स्थापित करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हुआ।
- संगठन विस्तार: आगामी एक माह के भीतर आसपास की कॉलोनियों में 10 नए मंडलों का गठन किया जाएगा।
- नेतृत्व: केन्द्र के समन्वय के लिए 11 सदस्यीय समिति बनाई गई है। संचालन की जिम्मेदारी विशेष रूप से योगिता शर्मा, नीतू शर्मा, कामिनी शर्मा एवं विजय लक्ष्मी शर्मा को सौंपी गई है।
साप्ताहिक गतिविधियां और जनजागरण
आगामी योजना के तहत अब प्रत्येक गुरुवार को साप्ताहिक गोष्ठी का आयोजन होगा, जिसमें कार्यों की समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा:
- नशा मुक्ति अभियान: गांवों में जाकर लोगों को व्यसन मुक्त बनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
- युवा सम्मेलन: महाविद्यालयों में युवाओं को भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जोड़ने के लिए विशेष सत्र होंगे।
- यज्ञ श्रृंखला: स्थानीय स्तर पर पंच कुंडीय यज्ञों के माध्यम से आध्यात्मिक चेतना जगाई जाएगी।
- अंशदान और समयदान: संगठन की मजबूती के लिए सदस्यों से समयदान और अंशदान के फॉर्म भरवाकर उनका नियोजन किया जाएगा।
झोटवाड़ा की इस गोष्ठी में जयपुर उप जोन समन्वयक सुशील कुमार शर्मा, मणिशंकर पाटीदार, प्रहलाद शर्मा एवं राजेश शर्मा सहित कई वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने मार्गदर्शन दिया।
