गाजियाबाद में अत्याधुनिक जूता परीक्षण प्रयोगशाला का शुभारंभ; ‘मेक इन इंडिया’ और फुटवियर निर्यात को मिलेगी नई रफ्तार

प्रीति बालानी 

​राष्ट्रीय परीक्षण गृह (एनटीएच) की इस उन्नत सुविधा से MSMEs और निर्माताओं को मिलेंगी किफायती व विश्वस्तरीय टेस्टिंग सेवाएं; दिल्ली-एनसीआर, आगरा और कानपुर के उद्योग को होगा सीधा लाभ

गाजियाबाद:

देश के फुटवियर विनिर्माण और गुणवत्ता अवसंरचना (Quality Infrastructure) को बड़ी मजबूती देने के लिए गाजियाबाद स्थित राष्ट्रीय परीक्षण गृह (एनटीएच), उत्तरी क्षेत्र में एक अत्याधुनिक जूता परीक्षण प्रयोगशाला की शुरुआत की गई है। भारत सरकार के उपभोक्ता मामलों के विभाग के अंतर्गत आने वाले इस केंद्र की नई सुविधा से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs), निर्यातकों और स्थानीय निर्माताओं को बेहद विश्वसनीय, किफायती और उच्च परिशुद्धता (High Precision) वाली फुटवियर परीक्षण सेवाएं मिल सकेंगी।

​यह रणनीतिक पहल तेजी से बढ़ते जूता क्षेत्र के लिए देश के गुणवत्ता आश्वासन बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और भारत की विनिर्माण प्रतिस्पर्धात्मकता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

​प्रमुख फुटवियर विनिर्माण केंद्रों को मिलेगा सीधा लाभ

​यह प्रयोगशाला रणनीतिक रूप से गाजियाबाद में स्थापित की गई है, जो दिल्ली-एनसीआर, आगरा और कानपुर जैसे देश के सबसे बड़े जूता निर्माण केंद्रों के बेहद करीब है। भौगोलिक निकटता के कारण इस पूरे क्षेत्र के फुटवियर उद्योग को निम्नलिखित बड़े फायदे होंगे:

  • कम रसद लागत (Logistics Cost): निर्माताओं को परीक्षण के लिए अपने सैंपल दूर नहीं भेजने पड़ेंगे, जिससे परिवहन और रसद का खर्च बचेगा।
  • त्वरित परिणाम (Fast Turnaround Time): नजदीक होने के कारण नमूनों की जांच तेजी से पूरी होगी, जिससे उत्पाद को बाजार में उतारने में लगने वाला समय कम हो जाएगा।
  • सुलभ सेवाएं: छोटे पैमाने के निर्माताओं और MSMEs के लिए भी विश्वस्तरीय टेस्टिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर तक पहुंच बेहद आसान हो जाएगी।

​इन श्रेणियों के जूतों का होगा कड़ा परीक्षण

​एनटीएच की यह नई प्रयोगशाला आधुनिक उपकरणों से लैस है, जो प्रासंगिक भारतीय मानकों (IS) के अनुसार विभिन्न प्रकार के फुटवियर उत्पादों का मूल्यांकन करने में पूरी तरह सक्षम है। इसके तहत प्रमुख रूप से इन श्रेणियों का परीक्षण किया जाएगा:

    • ​सुरक्षा और औद्योगिक जूते (Safety & Industrial Shoes)
    • ​औद्योगिक एवं जोखिमपूर्ण कार्य वातावरण के लिए विशेष सुरक्षात्मक जूते
    • ​खेल के जूते (Sports Shoes)
    • ​स्कूल और चमड़े के जूते (School & Leather Shoes)
    • ​बच्चों के जूते, सैंडल और चप्पल
    • ​पीवीसी (PVC) जूते

गुणवत्ता के कड़े मानक: उपभोक्ताओं की सुरक्षा और आराम को ध्यान में रखते हुए यह प्रयोगशाला जूतों की मजबूती, टिकाऊपन, कार्यक्षमता और एंटी-स्लिप (फिसलने से बचाव) गुणों की कड़ाई से जांच करेगी। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि जूतों में किसी भी प्रकार के हानिकारक रसायनों और प्रतिबंधित रंगों का प्रयोग न किया गया हो।

 

​’विकसित भारत’ और ‘आत्मनिर्भरता’ को नई गति

​यह पहल विनिर्माण प्रतिस्पर्धा को मजबूत करके, आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देकर और भारतीय जूता उद्योग के लिए एक मजबूत गुणवत्ता आश्वासन प्रणाली को विकसित करके “मेक इन इंडिया” मिशन के उद्देश्यों को पूरा करती है। इसके दूरगामी प्रभाव इस प्रकार होंगे:

​1. वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार

​यह सुविधा घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय दोनों प्रकार के कड़े गुणवत्ता मानकों के अनुपालन को सुगम बनाएगी। इससे भारतीय फुटवियर की वैश्विक बाजार में स्वीकार्यता और विश्वसनीयता बढ़ेगी, जिससे देश के निर्यात को बड़ा बूस्ट मिलेगा।

​2. किफायती और सुलभ जांच दरें

​MSMEs और छोटे निर्माताओं को ध्यान में रखते हुए इस प्रयोगशाला के परीक्षण शुल्कों को तुलनात्मक रूप से काफी किफायती रखा गया है, ताकि हर स्तर का विनिर्माता बिना किसी आर्थिक बोझ के अपने उत्पादों की गुणवत्ता प्रमाणित करा सके।

​3. उपभोक्ता विश्वास में बढ़ोतरी

​कड़े और वैज्ञानिक परीक्षणों के माध्यम से बाजार में आने वाले उत्पाद सुरक्षित, आरामदायक और लंबे समय तक चलने वाले होंगे, जिससे उपभोक्ताओं का भारतीय ब्रांडों पर भरोसा और मजबूत होगा।

​प्रयोगशाला की मुख्य विशेषताएं: एक नजर में

विशेषता

विवरण

अवस्थिति (Location)

गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश (एनटीएच, उत्तरी क्षेत्र)

लक्षित वर्ग (Target Audience)

MSMEs, फुटवियर निर्माता, निर्यातक और नियामक एजेंसियां

परीक्षण मानक (Testing Standards)

प्रासंगिक भारतीय मानक (IS) और अंतर्राष्ट्रीय मापदंड

मुख्य लाभ (Key Benefits)

किफायती दरें, त्वरित परिणाम, कम रसद लागत और उच्च परिशुद्धता

परीक्षण और प्रमाणन बुनियादी ढांचे को मजबूत करके, इस पहल से उपभोक्ता विश्वास बढ़ाने, उत्पाद की गुणवत्ता में सुधार करने और फुटवियर के क्षेत्र में भारत को एक वैश्विक विनिर्माण केंद्र (Global Manufacturing Hub) बनाने के विज़न को साकार करने में मदद मिलेगी।

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