“गाँव-गाँव से घरघोड़ा आ रहा मिलावटी दूध: स्वास्थ्य के साथ खुला खिलवाड़!”


“गाँव-गाँव से घरघोड़ा आ रहा मिलावटी दूध: स्वास्थ्य के साथ खुला खिलवाड़!”

Edited By : गणपत चौहान 
टेलीग्राफ टाइम्स
जुलाई 08,2025

घरघोड़ा, छत्तीसगढ़।
सुबह की पहली चाय, बच्चों का स्कूल जाने से पहले का दूध का गिलास, और बुजुर्गों की दिनचर्या का अहम हिस्सा – दूध, अब शुद्ध नहीं रहा। घरघोड़ा क्षेत्र में गांव-गांव से आने वाले दूध विक्रेताओं द्वारा कथित रूप से “गाय का शुद्ध दूध” कहकर बेचा जा रहा तरल असल में मिलावट का ज़हर साबित हो रहा है।

🔍 मिलावट का खुलासा: तस्वीरों ने खोली पोल

हाल ही में सामने आई कुछ तस्वीरों में दूध में असामान्य गाढ़ापन, अत्यधिक झाग और रंग में फर्क साफ़ देखा जा सकता है। जानकारों के अनुसार, ये लक्षण डिटर्जेंट, सिंथेटिक दूध, यूरिया या पानी की मिलावट की ओर इशारा करते हैं।

स्थानीय निवासी विनोद साहू बताते हैं, “सुबह-सुबह जो दूधवाले ‘गाय का ताजा दूध’ कहकर गली-गली आवाज़ लगाते हैं, उनके दूध से चाय में झाग ही झाग हो जाता है। स्वाद भी अजीब लगता है।”

⚠️ डॉक्टरों की चेतावनी: सेहत पर सीधा असर

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस तरह के मिलावटी दूध से बच्चों और बुजुर्गों को पेट संबंधी रोग, उल्टी-दस्त, एलर्जी, लिवर और किडनी को नुकसान जैसी समस्याएँ हो सकती हैं।
“डिटर्जेंट या सिंथेटिक पदार्थों से बना दूध एक धीमा ज़हर है, जो धीरे-धीरे शरीर को नुकसान पहुंचाता है,” — डॉ. आर. के. त्रिवेदी, स्थानीय चिकित्सक।

🛑 प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल

सबसे गंभीर बात यह है कि अब तक न तो खाद्य सुरक्षा विभाग ने छापेमारी की, और न ही कोई दूध सैंपलिंग करवाई गई है। लोग सवाल कर रहे हैं कि आखिर कब जागेगा प्रशासन?

💢 जनता में उबाल: सख़्त कार्रवाई की मांग

नगरवासियों में ग़ुस्सा है। वे चाहते हैं कि –

  • दूध बेचने वालों की सप्ताहिक सैंपलिंग हो,
  • खाद्य विभाग द्वारा फील्ड टेस्ट किट्स का उपयोग किया जाए,
  • दोषी पाए जाने पर एफआईआर दर्ज की जाए और
  • लाइसेंस व्यवस्था लागू की जाए।

स्थानीय युवाओं के एक समूह ने बताया कि वे सोशल मीडिया के माध्यम से इस मुद्दे को ज़िला प्रशासन तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।

उपभोक्ताओं से अपील

  • दूध खरीदते समय दूध की शक्ल, गंध, और झाग पर ध्यान दें।
  • अचानक पेट खराब होना, गैस्ट्रिक ट्रबल या चाय का रंग बदल जाना – मिलावट का संकेत हो सकता है।
  • संदिग्ध दूध या विक्रेता की सूचना सीधे खाद्य सुरक्षा अधिकारी या नजदीकी थाने को दें।

 

 

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