‘104 जननी एक्सप्रेस’ की समीक्षा बैठक में उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश
जयपुर, 3 अक्टूबर/ नरेश गुनानी/मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने शनिवार को शासन सचिवालय में ‘104 जननी एक्सप्रेस’ सेवा के संचालन एवं प्रबंधन की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि राज्य में गर्भवती महिलाओं, विशेषकर उच्च जोखिम वाली गर्भवती (High-Risk Pregnancy) महिलाओं को आवश्यकता के समय त्वरित रूप से अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था को अधिक मजबूत और चुस्त-दुरुस्त बनाया जाए। इसके लिए मातृ स्वास्थ्य सेवाओं और जननी एक्सप्रेस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर बल दिया गया।
समीक्षा बैठक के मुख्य बिंदु एवं निर्देश:
- एम्बुलेंस के उपयोग का आकलन: मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि प्रदेश में संचालित प्रत्येक एम्बुलेंस की उपयोगिता का नियमित रूप से आकलन किया जाए। मैदानी स्तर (Ground Level) से रिपोर्ट लेकर सेवा में जो भी कमियां या सुधार की आवश्यकताएं हैं, उनकी पहचान कर तुरंत निस्तारण किया जाए।
- कॉल सेंटर की कार्यप्रणाली का अध्ययन: उन्होंने कॉल सेंटर में 24 घंटे की कार्यप्रणाली का गहन अध्ययन करने के आदेश दिए। सहायता के लिए आने वाले फोन कॉल से लेकर मरीज को एम्बुलेंस उपलब्ध कराने तक की पूरी प्रक्रिया की विस्तृत समीक्षा करने को कहा गया।
- समीक्षा और रिपोर्टिंग व्यवस्था: कॉल रिकॉर्ड्स और मासिक रिपोर्ट को प्रजनन एवं बाल स्वास्थ्य निदेशक स्तर की समीक्षा से जोड़ने के निर्देश दिए गए, ताकि उच्च जोखिम वाली महिलाओं की पहचान और उन्हें परिवहन सहायता प्रदान करने के बीच बेहतर तालमेल बना रहे।
- भविष्य के संचालन विकल्प: बैठक में एम्बुलेंस सेवाओं के पारदर्शी और प्रभावी संचालन के लिए आगामी व्यवस्था हेतु खुली निविदा (Open Tender) अथवा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSU) के माध्यम से सेवा संचालन के विकल्पों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
’104 जननी एक्सप्रेस’ सेवा की वर्तमान स्थिति:
600 एम्बुलेंस का बेड़ा: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक डॉ. जोगाराम ने जानकारी दी कि प्रदेश में वर्तमान में जननी एक्सप्रेस के तहत 600 एम्बुलेंस उपलब्ध हैं और जुलाई 2026 से ये सभी 600 एम्बुलेंस पूर्ण रूप से संचालित हैं।
18.86 लाख से अधिक लाभार्थी: जनवरी 2021 से 10 दिसंबर 2025 तक राज्य की 18 लाख 86 हजार 48 महिलाओं को इस सेवा से लाभान्वित किया जा चुका है। वर्तमान में यह सेवा राजस्थान मेडिकेयर रिलीफ सोसायटी के माध्यम से संचालित की जा रही है।
बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी:
इस समीक्षा बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री ए. राठौड़, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के मिशन निदेशक डॉ. जोगाराम, वित्त विभाग के प्रतिनिधि, निदेशक (जन स्वास्थ्य), अतिरिक्त मिशन निदेशक (NHM), निदेशक (वित्त), परियोजना निदेशक, भण्डार अधिकारी तथा राज्य नोडल अधिकारी सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।