”गरीबी मिटाने का सबसे सशक्त माध्यम शिक्षा है”: राज्यपाल हरिभाऊ बागडे
उदयपुर | 07 जनवरी, 2026
| नरेश गुनानी
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा है कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का जरिया नहीं, बल्कि समाज से गरीबी मिटाने और वंचित वर्ग के उत्थान का सबसे प्रभावी हथियार है। वे बुधवार को उदयपुर स्थित भूपाल नोबल्स (बीएन) विश्वविद्यालय के द्वितीय दीक्षांत समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
2025 विद्यार्थियों को मिली डिग्रियां, 47 को गोल्ड मेडल
दीक्षांत समारोह के दौरान राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के शैक्षणिक गौरव को बढ़ाते हुए कुल 2025 विद्यार्थियों को विभिन्न संकायों की उपाधियां प्रदान कीं। इनमें शामिल हैं:
- पीएचडी उपाधि: 90 शोधार्थियों को प्रदान की गई।
- स्वर्ण पदक (Gold Medals): 47 मेधावी विद्यार्थियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए नवाजा गया।
मेवाड़ का गौरवशाली इतिहास और संस्थान की नींव
राज्यपाल ने अपने संबोधन में महाराणा भूपाल सिंह की दूरदृष्टि को नमन करते हुए कहा कि जिस संस्थान की शुरुआत एक साधारण पाठशाला के रूप में हुई थी, वह आज देशभर में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है। उन्होंने मेवाड़ के संस्थापक बप्पा रावल के पराक्रम को याद करते हुए कहा कि विदेशी आक्रांताओं को धूल चटाने वाला यह इतिहास आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
जनजातीय उत्थान और ‘विकसित भारत 2047’
मेवाड़ क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने कहा:
- शिक्षा का प्रसार: आदिवासी बहुल क्षेत्र होने के कारण इस अंचल में बीएन संस्थान ने ज्ञान का आलोक फैलाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है।
- मुख्यधारा से जुड़ाव: जनजातीय समुदाय को उच्च शिक्षा से जोड़ना आज की सबसे बड़ी जरूरत है ताकि वे राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर सकें।
- तरुण भारत की जिम्मेदारी: ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की प्राप्ति का जिम्मा आज की युवा पीढ़ी के कंधों पर है। देश के विश्वविद्यालयों से ही तक्षशिला और नालंदा जैसा प्राचीन गौरव पुनः लौटकर आएगा।
सफलता का मंत्र: ‘सीखने का संकल्प और निरंतर अभ्यास’
विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए हरिभाऊ बागडे ने कहा कि सफलता पाने के लिए निरंतर आगे बढ़ने की जिद और सीखते रहने का संकल्प होना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए बताया कि पिछले 10 वर्षों में देश के 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं, जो समावेशी विकास का प्रमाण है।
”गरीबी को यदि स्थायी रूप से दूर किया जा सकता है, तो उसका एकमात्र सशक्त माध्यम शिक्षा ही है। विद्यार्थी अपनी सोच को व्यापक बनाएं और खुद को सफल देखने का मानस तैयार करें।”
— राज्यपाल हरिभाऊ बागडे