गनाहेड़ा ग्राम पंचायत ने निभाई जिम्मेदारी, गंदी नाड़ी के जल भराव से टला बड़ा हादसा
By : गौरव कोचर
टेलीग्राफ टाइम्स
जुलाई 19,2025
पुष्कर, अजमेर | रिपोर्टर: हरिप्रसाद शर्मा
पुष्कर क्षेत्र में इन दिनों हो रही भारी बारिश ने एक बार फिर शहर की अधूरी योजनाओं और लापरवाह प्रशासन की पोल खोल दी है। पुष्कर के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से निकलने वाले गंदे पानी की निकासी की कोई स्थायी व्यवस्था न होने के कारण पास के गनाहेड़ा गांव में स्थित गंदी नाड़ी में जल भराव की स्थिति बन गई। हालात इतने बिगड़ गए कि नाड़ी की पाल टूटने के कगार पर पहुँच गई, जिससे पूरे गांव में बाढ़ जैसे हालात बनने की आशंका उत्पन्न हो गई थी।
प्रशासन ने किया अनदेखा, पंचायत ने उठाया जिम्मा
इस गम्भीर समस्या को लेकर गनाहेड़ा ग्राम पंचायत की प्रशासक लीला देवी और ग्राम विकास अधिकारी ने समय रहते एसडीओ गौरव कुमार मित्तल और नगर परिषद आयुक्त जनार्दन शर्मा को पत्र प्रेषित कर समाधान की माँग की। लेकिन नगर परिषद द्वारा केवल औपचारिकता निभाई गई, कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई।
जब संकट गहराता गया और स्थिति बिगड़ने लगी, तब गनाहेड़ा ग्राम पंचायत ने प्रशासन का इंतजार न करते हुए स्वप्रयास से राहत कार्य शुरू किए। पंचायत ने ग्रामीणों के सहयोग से जेसीबी मशीन और ट्रैक्टर की मदद से नाड़ी की पाल को मिट्टी डालकर मजबूत किया और पाइप लगाकर पानी की दिशा मोड़ दी। यह प्रयास नाड़ी के ओवरफ्लो को रोकने में कारगर सिद्ध हुआ।
गांव ने दिखाया सामूहिक संकल्प
इस आपात स्थिति में ग्राम पंचायत के साथ-साथ कई समाजसेवी और जनप्रतिनिधि भी सक्रिय रूप से सामने आए। मांगीलाल भाया रावत, रामावतार रावत, पूर्व उपसरपंच जसवंत सिंह रावत, ओम सिंह रावत, अनिल प्रजापत, महेंद्र सिंह रावत, शिव वैष्णव सहित अनेक ग्रामीणों ने श्रमदान कर नाड़ी की मरम्मत व जल निकासी कार्य में सहयोग किया।
स्थायी समाधान की मांग
स्थानीय लोगों ने स्पष्ट रूप से कहा कि यह समस्या केवल तात्कालिक प्रयासों से नहीं सुलझेगी। जब तक पुष्कर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से निकलने वाले पानी की निकासी की समुचित योजना नहीं बनेगी, तब तक गनाहेड़ा जैसे गांव हर बार बारिश में खतरे में रहेंगे। ग्रामीणों ने चेताया है कि यदि प्रशासन ने शीघ्र स्थायी समाधान नहीं किया, तो बड़े जन आंदोलन की राह अपनाई जाएगी।

