नरेश गुनानी
जयपुर, 25 मई। राजस्थान विधानसभा में प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक बड़े अभियान का आगाज हुआ है। गंगा दशहरा (गंगा दशमी) के पावन अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने विधानसभा उद्यान में कल्पवृक्ष का पौधा लगाकर ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ का शुभारंभ किया। इस मौके पर विधानसभा के प्रमुख सचिव भारत भूषण शर्मा ने भी उद्यान में कल्पवृक्ष का पौधा लगाया।
इस विशेष अभियान के तहत गंगा दशमी (25 मई) से लेकर विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून) तक प्रतिदिन विधानसभा उद्यान में दो पौधे लगाए जाएंगे।
पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे बड़ी जरूरत: देवनानी
प्रदेशवासियों को गंगा दशहरा की शुभकामनाएं देते हुए विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि यह पर्व केवल आध्यात्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि प्रकृति संरक्षण का भी बड़ा संदेश देता है। उन्होंने कहा:
”वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है। भारतीय संस्कृति हमेशा से प्रकृति पूजन और पर्यावरण संतुलन की प्रेरणा देती रही है। प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी को निभाकर ही हम आने वाली पीढ़ियों को एक सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण सौंप सकते हैं।”
जल संरक्षण और स्वच्छता के लिए नागरिकों से आह्वान
विधानसभा अध्यक्ष ने समाज में सकारात्मक ऊर्जा, भाईचारे और लोक कल्याण की भावना को सुदृढ़ करने पर जोर दिया। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से पर्यावरण सुधार में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील करते हुए निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया:
- जल स्रोतों का संरक्षण: पानी की हर बूंद को बचाना और जल स्रोतों को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है।
- नदियों की स्वच्छता: जीवनदायिनी नदियों और जल स्रोतों को साफ-सुथरा रखना हम सबका दायित्व है।
- प्लास्टिक मुक्त वातावरण: पर्यावरण को भारी नुकसान पहुँचाने वाले प्लास्टिक के उपयोग को पूरी तरह बंद करना होगा।
युवाओं और सामाजिक संगठनों से जुड़ने की अपील
देवनानी ने युवाओं और सामाजिक संगठनों से विशेष आह्वान किया कि वे इस हरित अभियान से जुड़कर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में सहभागी बनें। उन्होंने कहा कि जब युवा और समाज के विभिन्न संगठन एकजुट होकर काम करेंगे, तभी देश और प्रदेश को स्वच्छ व हरा-भरा बनाया जा सकेगा।