नरेश गुनानी
किशनगढ़ बास (राजस्थान)। खैरथल-तिजारा जिले के पूर्व जिला कलेक्टर और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी किशोर कुमार का शुक्रवार को 57 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे और जयपुर के एक अस्पताल में उनका उपचार जारी था। उनके असामयिक निधन की खबर मिलते ही समूचे जिले सहित प्रशासनिक और राजनैतिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई।
संवेदनशील प्रशासक के रूप में पहचान
4 जनवरी 1969 को जन्मे किशोर कुमार राजस्थान कैडर के एक बेहद सरल और सहज अधिकारी माने जाते थे। खैरथल-तिजारा जिला कलेक्टर के रूप में उनका कार्यकाल 7 सितंबर 2024 से 27 नवंबर 2025 तक रहा। इस दौरान उन्होंने न केवल प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ किया, बल्कि आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए भी जाने गए। उनके कार्यकाल को आज भी एक जनोन्मुखी और सक्रिय प्रशासन के उदाहरण के रूप में याद किया जाता है।
सिंधी समाज के ‘मामा’: जनता से था गहरा जुड़ाव
किशोर कुमार की लोकप्रियता केवल फाइलों तक सीमित नहीं थी; वे सामाजिक और धार्मिक आयोजनों में भी सक्रिय भागीदारी निभाते थे। विशेष रूप से सिंधी समाज में वे ‘मामा’ के नाम से विख्यात थे। समाज के प्रति उनके स्नेह और पारिवारिक व्यवहार के कारण हर वर्ग के लोग उन्हें अपना मार्गदर्शक मानते थे।
अंतिम समय और श्रद्धांजलि
विगत कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के चलते वे अवकाश पर थे। शुक्रवार, 3 अप्रैल को दोपहर करीब 12 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन पर जिले के वर्तमान अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने गहरा दुख व्यक्त किया है।
शोक संदेश:
क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों और अधिकारियों ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि किशोर कुमार का जाना प्रशासन और समाज दोनों के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने शासन और जनता के बीच विश्वास का जो सेतु बनाया था, उसे सदैव याद रखा जाएगा।
