‘खून चूसने वाले वैम्पायर जैसे’: ट्रंप के सहयोगी ने BRICS पर साधा निशाना
09 सितम्बर 2025, गौरव कोचर। टेलीग्राफ टाइम्स
वॉशिंगटन। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक करीबी सहयोगी ने वैश्विक मंच पर तेजी से उभर रहे BRICS समूह (ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने BRICS की तुलना “खून चूसने वाले वैम्पायर” से करते हुए कहा कि यह समूह वैश्विक अर्थव्यवस्था से संसाधन खींचकर अमेरिका और उसके सहयोगियों के हितों को नुकसान पहुंचा रहा है।
ट्रंप कैंप के इस वरिष्ठ रणनीतिकार ने कहा कि BRICS का लगातार विस्तार और डॉलर को चुनौती देने की रणनीति अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा खतरा है। उनके अनुसार, BRICS देशों की नीतियां इस तरह हैं मानो वे विकसित देशों की आर्थिक शक्ति को कमजोर कर अपने हित साधने में लगे हों।
विशेषज्ञ मानते हैं कि ट्रंप खेमे की यह तीखी टिप्पणी सीधे तौर पर चीन और रूस को निशाना बनाने की कोशिश है, क्योंकि BRICS में इन दोनों देशों की भूमिका सबसे मजबूत मानी जाती है। साथ ही, इसे आगामी अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव से भी जोड़कर देखा जा रहा है। रिपब्लिकन पार्टी चीन के बढ़ते प्रभाव को लगातार चुनावी मुद्दा बना रही है और अब BRICS पर यह हमला उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
BRICS समूह ने हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय राजनीति और अर्थव्यवस्था में अपनी पकड़ मजबूत की है। नए सदस्य देशों के जुड़ने से यह संगठन और व्यापक हो गया है। साथ ही, BRICS ने अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता कम करने और वैकल्पिक वित्तीय ढांचा तैयार करने की दिशा में भी कदम बढ़ाए हैं।
ट्रंप के सहयोगी की इस टिप्पणी को लेकर अंतरराष्ट्रीय हलकों में बहस छिड़ गई है। कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि यह बयान अमेरिका की चिंता को दर्शाता है, जबकि कुछ इसे मात्र चुनावी बयानबाज़ी मानते हैं।